प्रकाशित: 27 नवंबर 2025समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
नीति आयोग ने सेवा क्षेत्र पर दो रिपोर्टें जारी कीं
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने 28 अक्टूबर 2025 को "सेवा विषयगत श्रृंखला" के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी कीं, जिन्हें भारत की सेवा क्षेत्र नीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ये दोनों रिपोर्ट आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में सेवाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती हैं।
सेवा क्षेत्र अब भारत के सकल मूल्य वर्धन में लगभग 55% का योगदान देता है, जिससे यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। पिछले छह वर्षों में इस क्षेत्र ने लगभग 4 करोड़ नए रोजगार सृजित किए हैं, जो देश की बढ़ती श्रमशक्ति को समायोजित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका दिखाता है। रिपोर्ट में क्षेत्रीय रुझानों, प्रदर्शन मानकों और टिकाऊ विकास के लिए नीति सिफारिशों का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट का एक प्रमुख निष्कर्ष सेवा गतिविधियों का भौगोलिक संकेंद्रण है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना मिलकर सेवा उत्पादन का लगभग 40% हिस्सा रखते हैं। यह अत्यधिक शहरीकृत राज्यों में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त और व्यावसायिक सेवाओं जैसे आधुनिक, उच्च उत्पादकता वाले क्षेत्रों के संकेंद्रण को दर्शाता है।
रिपोर्ट में गिग श्रमिक नीति का विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया है, जो अब एक तत्काल आवश्यकता बन चुकी है। सिफारिशों में सामाजिक सुरक्षा ढांचा, कौशल विकास और विवाद समाधान तंत्र शामिल हैं। "सेवा विषयगत श्रृंखला" नियमित नीति दस्तावेज श्रृंखला के रूप में जारी रहेगी। ये रिपोर्ट भारत की सेवा प्रतिस्पर्धात्मकता का लाभ उठाकर निर्यात बढ़ाने और वैश्विक क्षमता केंद्रों व डिजिटल सेवाओं में विदेशी निवेश आकर्षित करने की महत्वाकांक्षा के अनुरूप हैं।
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Tसेवा क्षेत्र, ऊर्जा एवं परिवहन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीति आयोग द्वारा जारी सेवा क्षेत्र विषयक श्रृंखला क्या है?
यह नीति आयोग द्वारा शुरू की गई नीतिगत दस्तावेजों की एक श्रृंखला है, जो भारत के सेवा क्षेत्र के रुझानों, मानकों और सिफारिशों का विश्लेषण करती है। पहली दो रिपोर्ट 27 नवंबर 2025 को जारी की गईं।
भारत के GVA में सेवा क्षेत्र का योगदान कितना है?
सेवा क्षेत्र भारत के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में लगभग 55% का योगदान देता है, जिससे यह अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा घटक है।
भारत के सेवा GVA में दक्षिणी राज्यों का दबदबा क्यों है?
दक्षिणी राज्य IT, वित्त, स्वास्थ्य और व्यावसायिक सेवा उद्योगों के प्रमुख केंद्र होने के कारण आगे हैं; इसमें बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे शहरों की खास भूमिका है।
गिग श्रमिक नीति रोडमैप में क्या सिफारिशें हैं?
रोडमैप में सामाजिक सुरक्षा ढांचा, कौशल विकास पहल और गिग व प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए विवाद समाधान तंत्र की सिफारिश की गई है।
हाल के वर्षों में सेवा क्षेत्र ने कितने रोजगार सृजित किए हैं?
सेवा क्षेत्र ने पिछले छह वर्षों में लगभग 4 करोड़ नए रोजगार सृजित किए हैं, इसलिए यह भारत में रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है।