प्रकाशित: 14 दिसंबर 2025समाचार स्रोतशासन
VB-G RAM G विधेयक पर PRS विश्लेषण: MGNREGA की जगह 125 दिन की गारंटी
PRS विधायी अनुसंधान ने 15 दिसम्बर 2025 को विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आवास महाअभियान गारंटी (VB-G RAM G) विधेयक, 2025 का विस्तृत विश्लेषण जारी किया। यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह उन्नत ग्रामीण रोजगार ढाँचा लागू करने का प्रस्ताव करता है।
VB-G RAM G विधेयक रोजगार गारंटी को MGNREGA के 100 दिन से बढ़ाकर प्रति परिवार प्रति वर्ष 125 दिन करता है। एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव केंद्र-राज्य लागत साझाकरण अनुपात में है: जहाँ MGNREGA लगभग पूरी तरह केंद्र से वित्तपोषित था, वहीं नया विधेयक 60:40 का अनुपात अनिवार्य करता है, जिसमें 60% खर्च केंद्र और 40% राज्य सरकारें वहन करेंगी।
विधेयक में फर्जी लाभार्थियों और मजदूरी चोरी को रोकने के लिए AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान तंत्र शामिल हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए सभी भुगतान आधार से जोड़े गए हैं। PRS विश्लेषण एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक चिंता भी उठाता है: नया कानून MGNREGA की मांग-आधारित प्रकृति को हटाता है। MGNREGA के तहत कोई भी पात्र मजदूर काम की मांग कर सकता था और सरकार 15 दिन के भीतर काम देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य थी। VB-G RAM G विधेयक रोजगार देने की व्यवस्था को राज्य सरकार के विवेकाधिकार पर निर्भर बनाता है, जिससे योजना का अधिकार-आधारित चरित्र कमजोर हो सकता है।
राजस्थान ऐतिहासिक रूप से देश में सबसे अधिक MGNREGA रोजगार सृजन दर्ज करता है, इसलिए यह नीति परिवर्तन राज्य के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर और चुरू जैसे शुष्क जिलों में हजारों ग्रामीण परिवार कृषि के मंद मौसम में MGNREGA मजदूरी पर निर्भर हैं।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पीआरएस द्वारा विश्लेषित वीबी-जी रैम जी विधेयक 2025 के मनरेगा में संरचनात्मक परिवर्तनों, लागत में हिस्सेदारी के बदलाव, मांग-आधारित स्वरूप के क्षरण एवं राजस्थान पर प्रभाव की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
पीआरएस विश्लेषण के अनुसार, वीबी-जी रैम जी विधेयक 2025 रोजगार गारंटी को 100 से 125 दिन करता है। 60:40 केंद्र-राज्य लागत-साझाकरण पूर्ण केंद्रीय वित्तपोषण की जगह लेता है, जिससे कमजोर राज्यों पर बोझ बढ़ता है। एआई धोखाधड़ी पहचान और आधार-संबद्ध भुगतान से वितरण व्यवस्था कड़ी होती है, पर मांग-आधारित प्रावधान हटने से राजस्थान की अधिकार-आधारित पहुंच कमजोर होगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
VB-G RAM G विधेयक 2025 क्या है?
विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आवास महाअभियान गारंटी (VB-G RAM G) विधेयक, 2025, MGNREGA की जगह प्रति परिवार प्रति वर्ष 125 दिन के गारंटीशुदा रोजगार वाली उन्नत ग्रामीण रोजगार योजना लाने का प्रस्ताव रखता है।
VB-G RAM G के तहत केंद्र-राज्य लागत साझाकरण अनुपात क्या है?
विधेयक में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 अनुपात में लागत बांटना अनिवार्य है, जिसमें 60% खर्च केंद्र और 40% खर्च राज्य वहन करेंगे, जबकि MGNREGA लगभग पूरी तरह केंद्र द्वारा वित्तपोषित था।
VB-G RAM G और MGNREGA में मजदूरों के अधिकारों के संदर्भ में क्या अंतर है?
MGNREGA मांग पर आधारित था — मजदूरों को काम मांगने का कानूनी अधिकार था और 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता था। VB-G RAM G यह अधिकार हटाता है और रोजगार राज्य के विवेकाधिकार पर निर्भर करता है।
यह विधेयक राजस्थान के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्यों है?
राजस्थान में ऐतिहासिक रूप से भारत में सबसे अधिक MGNREGA रोजगार दर्ज होता है। बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर और चुरू जैसे जिले खेती के कम काम वाले मौसम में MGNREGA मजदूरी पर बहुत निर्भर हैं।
VB-G RAM G विधेयक कौन से तकनीक-आधारित सुरक्षा उपाय शुरू करता है?
विधेयक फर्जी लाभार्थियों और मजदूरी चोरी को रोकने के लिए AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान तथा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए आधार से जुड़े भुगतान अनिवार्य करता है।