राजस्थान ने 23 मई 2026 को मौसम की सबसे भीषण लू में से एक का सामना किया। श्रीगंगानगर में तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ और वह राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। फलोदी, बीकानेर, जैसलमेर, पिलानी, चूरू, कोटा तथा अलवर भी 44-45 डिग्री को पार कर गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24-29 मई 2026 के दौरान पश्चिम राजस्थान के कुछ अलग-अलग स्थानों से लेकर कुछ हिस्सों तक गंभीर लू की चेतावनी दी तथा 23-29 मई के दौरान पूर्व राजस्थान में लू की स्थिति जारी रहने की बात कही। जयपुर में दिन का तापमान 38 डिग्री तक पहुँचा तथा धूल भरी आँधी और शुष्क हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम से ख़राब श्रेणी में दर्ज किया गया। राज्य सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से राजस्थान हीट एक्शन प्लान सक्रिय किया है। इसमें स्कूल समय में बदलाव, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहरी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य परामर्श, ORS पैकेट की आपूर्ति, अतिरिक्त पीने का पानी, छबील स्टॉल, बस स्टैंडों तथा तीर्थ स्थलों पर ठंडक केंद्रों की व्यवस्था, और जिला अस्पतालों में अलग हीट स्ट्रोक वार्ड शामिल हैं। निर्माण श्रमिकों, MGNREGA श्रमिकों, गौशालाओं में पशुओं तथा खाटू श्यामजी एवं मेहंदीपुर बालाजी मंदिरों पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पेयजल योजनाओं को बिजली देने वाले फीडरों पर 24 घंटे बिजली सुनिश्चित की जाए। राजस्थान लू प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय ढाँचे के अंतर्गत हीट एक्शन प्लान संचालित करने वाले 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से एक है, जिसमें जलवायु अनुकूलन विकसित राजस्थान 2047 दृष्टिकोण के तेज़ी से केंद्र में आ रहा है।