रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में बताया कि स्वदेशी तौर पर विकसित KAVACH (कवच) स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (ATP) भारतीय रेल नेटवर्क के 2,000 किलोमीटर से अधिक हिस्से पर पूरी तरह चालू हो चुकी है। कवच ट्रेन दुर्घटनाओं और अधिक गति को रोकने के लिए अपने-आप ब्रेक लगा देता है। रेल मंत्रालय ने बताया कि ट्रेन दुर्घटनाएँ 2014 में 135 से घटकर अब केवल 11 रह गई हैं — लगभग 90% की कमी। बुनियादी ढाँचे में 7,129 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है और 860 दूरसंचार टॉवर स्थापित किए गए हैं। ट्रैकसाइड उपकरण 3,413 किमी में लगाए जा चुके हैं, जबकि 4,154 लोकोमोटिव पर कवच प्रणाली लगाई गई है। लगभग 40,000 तकनीशियनों और ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया गया है। कवच को SIL-4 (सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4) प्रमाणीकरण प्राप्त है।
KAVACH स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली भारतीय रेल नेटवर्क के 2,000 किमी से अधिक हिस्से पर चालू; 2014 के बाद परिणामी ट्रेन दुर्घटनाओं में 90% कमी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में बताया कि स्वदेशी रूप से विकसित KAVACH (कवच) स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (ATP) भारतीय रेल नेटवर्क के 2,000 किलोमीटर से अधिक हिस्से में पूरी तरह चालू की जा चुकी है। कवच ट्रेन दुर्घटनाओं और अत्यधिक गति को रोकने के लिए अपने-आप ब्रेक लगाता है। रेल मंत्रालय ने बताया कि परिणामी ट्रेन दुर्घटनाएँ 2014 में 135 से घटकर अब केवल 11 रह गई हैं — लगभग 90% की कमी। बुनियादी ढाँचे में 7,129 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है और 860 दूरसंचार टॉवर स्थापित किए गए हैं। पटरी किनारे के उपकरण 3,413 किमी में लगाए जा चुके हैं, जबकि 4,154 लोकोमोटिव पर कवच प्रणाली लगाई गई है। लगभग 40,000 तकनीशियनों और ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया गया है। कवच को SIL-4 (सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4) प्रमाणीकरण प्राप्त है।
मुख्य तथ्य
- KAVACH स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली भारतीय रेल नेटवर्क के 2,000 किमी से अधिक हिस्से पर चालू हो गई।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में इस उपलब्धि की जानकारी दी।
- इसके परिणामस्वरूप ट्रेन दुर्घटनाएँ 2014 में 135 से घटकर केवल 11 रह गईं — लगभग 90% की कमी।
- KAVACH को SIL-4 (सुरक्षा अखंडता स्तर-4) प्रमाणीकरण प्राप्त है — सर्वोच्च सुरक्षा रेटिंग।
- 4,154 लोकोमोटिव पर यह प्रणाली लगाई गई और 40,000 तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया गया।
- भारत ने KAVACH तकनीक का निर्यात शुरू किया है — वह रेलवे सुरक्षा तकनीक प्रदाता के रूप में उभर रहा है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय रेलवे की सुरक्षा संरचना में स्वदेशी कवच स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली के योगदान तथा उभरते रेलवे-सुरक्षा प्रौद्योगिकी प्रदाता के रूप में इसकी निर्यात क्षमता का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
18 दिसंबर 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा को बताया कि एसआईएल-4 प्रमाणित कवच 2,000 किलोमीटर से अधिक पर चालू है; इससे दुर्घटनाएं 2014 के 135 से घटकर 11 रह गईं। 7,129 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर, 860 टावर, 3,413 किलोमीटर ट्रैकसाइड, 4,154 रेल-इंजन और लगभग 40,000 प्रशिक्षित कर्मियों वाला सहायक ढांचा इसकी निर्यात क्षमता को मजबूत करता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय रेल नेटवर्क के कितने किलोमीटर हिस्से में KAVACH स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली चालू की गई है?
KAVACH को भारतीय रेल नेटवर्क के 2,000 किमी से अधिक हिस्से में चालू किया गया है, जैसा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में बताया।
KAVACH की तैनाती के बाद 2014 से अब तक गंभीर रेल दुर्घटनाओं में कितने प्रतिशत की कमी आई है?
गंभीर रेल दुर्घटनाओं में लगभग 90% की कमी आई है: 2014 में जहाँ 135 दुर्घटनाएं होती थीं, वहीं अब इनकी संख्या घटकर केवल 11 रह गई है।
KAVACH प्रणाली को कौन सा सुरक्षा प्रमाणीकरण प्राप्त है और इसका क्या महत्व है?
KAVACH को SIL-4 (सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4) प्रमाणीकरण प्राप्त है, जो रेलवे सुरक्षा प्रणालियों के लिए सर्वोच्च अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा रेटिंग है।
KAVACH को कितने लोकोमोटिव पर लगाया गया है और कितने तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया गया है?
KAVACH को 4,154 लोकोमोटिव पर स्थापित किया गया है और इसके संचालन एवं रखरखाव के लिए 40,000 तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया गया है।
KAVACH स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का प्राथमिक कार्य क्या है?
KAVACH ट्रेनों की टक्कर और अधिक गति को रोकने के लिए अपने-आप ब्रेक लगा देता है। यह स्वदेशी रूप से विकसित प्रणाली है, जो रीयल-टाइम सिग्नलिंग और गति निगरानी से रेलवे सुरक्षा बढ़ाती है।
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