प्रकाशित: 25 मार्च 2026PIBराजव्यवस्था
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में पेश
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को 25 मार्च 2026 को राज्यसभा में पेश किया गया। इसमें भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़े विधायी ढांचे में संशोधन का प्रस्ताव है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) शामिल हैं, लेकिन विधेयक की पहली अनुसूची में फिलहाल पांच बल—सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी—सूचीबद्ध हैं।
यह विधेयक अनुसूचित बलों की सेवा शर्तों, अनुशासनात्मक कार्यवाही और कमान व्यवस्था से जुड़ा है। प्रमुख प्रस्तावों में उन कर्मियों के लिए अपील प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है, जिनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही हो। साथ ही, बेहतर चिकित्सा और कल्याण लाभ देना तथा सीमा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तैनाती का अधिकार स्पष्ट करना भी प्रस्तावित है।
25 मार्च को उच्च सदन में पेश किए गए इस विधेयक के आगामी सत्रों में पारित होने की उम्मीद थी। यह गृह मंत्रालय के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आधुनिकीकरण कार्य समूह की सिफ़ारिशों के बाद लाया गया और आंतरिक सुरक्षा संस्थाओं में सुधार की सरकार की व्यापक नीति के अनुरूप है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं और सीमा प्रबंधन, उग्रवाद-रोधी अभियानों तथा आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2025 तक सभी छह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कुल 10 लाख से अधिक कर्मी हैं, इसलिए वे दुनिया के सबसे बड़े अर्धसैनिक समूहों में शामिल हैं। यह विधेयक अनुसूचित बलों से जुड़े उस कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाएगा, जिसमें पिछला बड़ा बदलाव मुख्यतः 1960–70 के दशक में हुआ था।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत में अर्धसैनिक बलों से जुड़े कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 के उद्देश्यों और प्रस्तावित सुधारों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
25 मार्च 2026 को राज्यसभा में पेश यह विधेयक पांच अनुसूचित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़े कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाता है। यह अनुशासनात्मक अपील की प्रक्रिया को सरल करता है, चिकित्सा और कल्याण लाभ बढ़ाता है तथा तैनाती का अधिकार स्पष्ट करता है। कुल 10 लाख से अधिक कर्मियों वाले इन बलों के लिए यह 1960–70 के दशक के कानूनों को आज की आंतरिक सुरक्षा ज़रूरतों के अनुरूप बनाता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतPIB
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
भारत में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर प्रशासनिक नियंत्रण किस मंत्रालय का है?
व्याख्या · सही उत्तर Cकेंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है। BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB और NSG जैसे बल आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारियों में लगाए जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल क्या हैं?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल गृह मंत्रालय के अधीन भारत के संघीय, वर्दीधारी अर्धसैनिक बल हैं। इनमें सीमाओं की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), आंतरिक सुरक्षा और उग्रवाद-रोधी अभियानों के लिए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), औद्योगिक और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तथा आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) शामिल हैं।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और भारतीय सेना में क्या अंतर है?
भारतीय सेना रक्षा मंत्रालय के अधीन है और बाहरी खतरों तथा पारंपरिक युद्ध से निपटती है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल गृह मंत्रालय के अधीन हैं और आंतरिक सुरक्षा, सीमाओं की सुरक्षा तथा उग्रवाद-रोधी कार्य करते हैं। असाधारण परिस्थितियों में दोनों को साथ तैनात किया जा सकता है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सेवा शर्तों को आधुनिक बनाना, अनुशासनात्मक अपील की प्रक्रिया को सरल करना, कल्याण और चिकित्सा लाभ बढ़ाना, तैनाती के अधिकार से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट करना तथा मुख्यतः 1960–70 के दशक के कानूनों को आज के अनुरूप बनाना है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कुल कितने कर्मी हैं?
2025 तक सभी छह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कुल 10 लाख से अधिक कर्मी हैं, इसलिए वे दुनिया के सबसे बड़े अर्धसैनिक समूहों में शामिल हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की क्या भूमिका है?
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, जिसे 'ब्लैक कैट्स' कहा जाता है, गृह मंत्रालय के अधीन एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल है। यह पूरे भारत में बंधकों को छुड़ाने, विमान अपहरण रोकने और आतंकवाद-रोधी अभियान चलाने का काम करता है।