प्रकाशित: 24 मार्च 2026PIBराजव्यवस्था
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (संशोधन) विधेयक 2026 राज्यसभा में पेश
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में 25 मार्च 2026 को पेश किया गया। यह विधेयक भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) — जिसकी पहली अनुसूची में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी शामिल हैं — के विधायी ढांचे में संशोधन का प्रस्ताव करता है।
CAPF संशोधन विधेयक 2026 इन बलों में सेवा शर्तों, अनुशासनात्मक कार्यवाही और कमान संरचनाओं से जुड़े प्रावधान करता है। प्रमुख प्रस्तावित बदलावों में अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे कर्मियों के लिए अपील तंत्र को सुव्यवस्थित करना, उन्नत चिकित्सा एवं कल्याण लाभों के प्रावधान, और सीमा व आंतरिक सुरक्षा संदर्भों में तैनाती प्राधिकार से संबंधित स्पष्टीकरण शामिल हैं।
25 मार्च को उच्च सदन में विधेयक को पेश करना, बाद के सत्रों में इसके पारित होने से पहले की प्रक्रिया थी। यह विधेयक गृह मंत्रालय के CAPF आधुनिकीकरण कार्य समूह की सिफारिशों के बाद आया है और आंतरिक सुरक्षा संस्थाओं के सुधार की सरकार की व्यापक नीति के अनुरूप है।
CAPFs गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं और सीमा प्रबंधन, आतंकवाद-रोधी और आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2025 तक सभी CAPFs की संयुक्त संख्या 10 लाख से अधिक कर्मी है। यह विधेयक उनके कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाएगा, जो मुख्यतः 1960–70 के दशक में बनाया गया था।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के अर्धसैनिक विधिक ढांचे के आधुनिकीकरण में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (संशोधन) विधेयक 2026 के उद्देश्यों एवं प्रस्तावित सुधारों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
25 मार्च 2026 को राज्यसभा में पेश सीएपीएफ संशोधन विधेयक बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी के ढांचे को आधुनिक बनाता है। यह अनुशासनात्मक अपीलों को सुव्यवस्थित करता है, चिकित्सा-कल्याण लाभ बढ़ाता है और तैनाती प्राधिकार स्पष्ट करता है। 10 लाख से अधिक संयुक्त बल वाले 1960-70 के पुराने कानूनों को आंतरिक सुरक्षा के लिए आज के अनुरूप बनाता है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
भारत में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर प्रशासनिक नियंत्रण किस मंत्रालय का है?
व्याख्या · सही उत्तर Cकेंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है। BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB और NSG जैसे बल आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारियों में लगाए जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CAPFs क्या हैं?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के संघीय अर्धसैनिक बल हैं। इनमें BSF (सीमा सुरक्षा), CRPF (आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी), CISF (औद्योगिक सुरक्षा), ITBP (भारत-चीन सीमा), SSB (भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाएं), और NSG (आतंकवाद-रोधी) शामिल हैं।
CAPFs और भारतीय सेना में क्या अंतर है?
भारतीय सेना रक्षा मंत्रालय के अधीन है और बाहरी खतरों से निपटती है। CAPFs गृह मंत्रालय के अधीन हैं और आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा व आतंकवाद-रोधी कार्य करते हैं।
CAPF संशोधन विधेयक 2026 मुख्यतः क्या संबोधित करता है?
यह सेवा शर्तों को आधुनिक बनाना, अनुशासनात्मक अपील प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, कल्याण एवं चिकित्सा लाभ बढ़ाना, और तैनाती प्राधिकार के प्रावधानों को स्पष्ट करना चाहता है।
CAPFs में कुल कितने कर्मी हैं?
2025 तक सभी छह CAPFs की संयुक्त संख्या 10 लाख से अधिक कर्मी है, जो उन्हें दुनिया के सबसे बड़े अर्धसैनिक बलों में से एक बनाती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की क्या भूमिका है?
NSG, जिसे 'ब्लैक कैट्स' कहा जाता है, गृह मंत्रालय के अंतर्गत एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल है। यह बंधक मुक्ति, विमान-अपहरण रोधी और आतंकवाद-रोधी अभियान संचालित करता है।