भारत ने '#23फॉर23' अभियान के तहत अपनी पहली राष्ट्रीय हिम तेंदुआ गणना के नतीजे जारी किए, जिसमें भारतीय हिमालय के 718 हिम तेंदुए दर्ज किए गए। लद्दाख में सबसे अधिक 477 हिम तेंदुए दर्ज हुए। इसके बाद उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर रहे।

यह गणना वैश्विक हिम तेंदुआ और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण कार्यक्रम (GSLEP) का हिस्सा है। IUCN ने हिम तेंदुए को 'सुभेद्य' श्रेणी में रखा है। यह प्रजाति मध्य और दक्षिण एशिया के उन 12 देशों में पाई जाती है, जहाँ हिम तेंदुओं का प्राकृतिक आवास है। भारत में प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड 2009 में शुरू किया गया था और हिम तेंदुआ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित है। इस गणना में कैमरा ट्रैप, डीएनए विश्लेषण और सामुदायिक सर्वेक्षण का उपयोग किया गया।