PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च (PRS इंडिया) ने 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 के तुरंत बाद अपना व्यापक विश्लेषण जारी किया। बजट की समीक्षा में भरोसेमंद मानक माना जाने वाला यह विश्लेषण व्यय प्राथमिकताओं, प्रमुख योजना आवंटनों और राजकोषीय लक्ष्यों का विस्तृत ब्यौरा देता है। मुख्य निष्कर्ष: शीर्ष 13 मंत्रालय कुल सरकारी व्यय का 54% हिस्सा हैं। रक्षा को सबसे अधिक 7.84 लाख करोड़ रुपये का आवंटन मिला, जो कुल व्यय का 15% है — राशि के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के आवंटन में 179% की भारी वृद्धि हुई, जो शहरी आवास के लिए नई प्रतिबद्धता दर्शाती है। जल जीवन मिशन (JJM) को 67,670 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये — GDP का 3.1% रहा। FY27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.3% है। PRS विश्लेषण ने यह भी बताया कि सकल कर राजस्व 10.8% बढ़ने का अनुमान है, लेकिन उपकर और अधिभार की बढ़ी हुई वसूली के कारण राज्यों को वास्तविक हस्तांतरण कम हो सकता है — क्योंकि ये राज्यों के साथ साझा नहीं किए जाते।