वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया — कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट — और 2 फरवरी को इसके व्यापक विश्लेषण और प्रतिक्रियाएं समाचारों में प्रमुख रहीं। बजट तीन 'कर्तव्यों' पर आधारित है: (1) आर्थिक विकास को गति देना, (2) नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना, और (3) संसाधनों तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना।

मुख्य बिंदुओं में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ का सार्वजनिक पूंजीगत व्यय आवंटन शामिल है, राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% लक्षित है और ऋण-जीडीपी अनुपात 55.6% अनुमानित है। कुल बजट व्यय ₹53.5 लाख करोड़ है।

प्रमुख रणनीतिक पहलों में शामिल हैं: (a) बायोफार्मा SHAKTI — भारत को बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ की योजना, तीन नए राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान स्थापित करना और सात मौजूदा संस्थानों को उन्नत करना; (b) इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 — चिप डिजाइन में पूर्ण भारतीय बौद्धिक संपदा तैयार करने पर ध्यान; (c) सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का विस्तार।

राजस्थान के लिए बजट में बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय, ग्रामीण रोजगार और सेमीकंडक्टर व टेक्सटाइल क्षेत्रों पर दिया गया ध्यान सीधे प्रासंगिक है। भीलवाड़ा और जोधपुर के वस्त्र क्लस्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में राजस्थान की संभावनाएं इन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।