UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने लगभग 19 जनवरी 2026 को उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के लिए नई दिल्ली का दौरा किया, जिसमें दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढाँचा स्थापित करने के लिए आशय-पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह ढाँचा चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल करता है: आतंकवाद-विरोधी सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और रक्षा औद्योगिक सहयोग। भारत-UAE द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा और UAE भारत के प्रमुख FDI स्रोतों में से एक है। रक्षा आशय-पत्र खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर संयुक्त उत्पादन और प्रौद्योगिकी-साझाकरण की दिशा में जाने का संकेत देता है। खाड़ी क्षेत्र में भारत की रणनीतिक रुचि — ऊर्जा स्रोत, भारतीय प्रवासी (35 लाख भारतीय UAE में) और महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा — UAE को अपरिहार्य साझेदार बनाती है। यह समझौता खाड़ी में चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर भारत की 'एक्ट वेस्ट' नीति को भी मजबूत करता है।