प्रकाशित: 28 जनवरी 2026पर्यावरण
विश्व बैंक ने भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर 'अ ब्रीथ ऑफ चेंज' रिपोर्ट जारी की
विश्व बैंक ने 29 जनवरी 2026 को 'अ ब्रीथ ऑफ चेंज' शीर्षक से रणनीतिक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट भारत-गंगा मैदान और हिमालयी तलहटी में वायु प्रदूषण पर केंद्रित है, जहां लगभग एक अरब लोग रहते हैं। रिपोर्ट में '4Is ढांचा' (सूचना, प्रोत्साहन, संस्थान, अवसंरचना) प्रस्तावित किया गया है।
प्रमुख निष्कर्ष: वायु प्रदूषण से भारत में सालाना अनुमानित 21 लाख असमय मौतें; GDP का 3.5% आर्थिक नुकसान; दिल्ली-NCR में शीतकालीन प्रदूषण का 30% पराली दहन से; राज्यों के बीच सीमापार सहयोग आवश्यक। रिपोर्ट रियल-टाइम वायु गुणवत्ता निगरानी, स्वच्छ ईंधन सब्सिडी और ईवी प्रोत्साहन की सिफारिश करती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्व बैंक की 'A Breath of Change' रिपोर्ट किस बारे में है?
**विश्व बैंक की 'A Breath of Change'** रिपोर्ट (29 जनवरी 2026) **इंडो-गंगेटिक मैदानों और हिमालय की तलहटी** में वायु प्रदूषण पर केंद्रित है — यह लगभग **60 करोड़ लोगों** का क्षेत्र है।
विश्व बैंक की वायु प्रदूषण रिपोर्ट किस क्षेत्र पर केंद्रित है?
रिपोर्ट **इंडो-गंगेटिक मैदानों और हिमालय की तलहटी** पर केंद्रित है — जहाँ लगभग **60 करोड़ लोग** रहते हैं।
इंडो-गंगेटिक मैदानों का वायु प्रदूषण कितनी आबादी को प्रभावित करता है?
यह वायु प्रदूषण भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में लगभग **60 करोड़ लोगों** को प्रभावित करता है।
इंडो-गंगेटिक मैदानों में वायु प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारण: **पराली जलाना, वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, ईंट भट्टियाँ और जैव-ईंधन जलाना**।
विश्व बैंक इंडो-गंगेटिक मैदान में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए क्या सिफारिश करता है?
**विश्व बैंक** ने **क्षेत्रीय सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव, पराली प्रबंधन के विकल्पों और उत्सर्जन मानकों को कड़ाई से लागू करने** की सिफारिश की।