प्रकाशित: 6 अक्टूबर 2025Patrikaविज्ञान-प्रौद्योगिकी
उदयपुर ने फतेहपुरा चौराहे पर AI-संचालित ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली का पायलट शुरू किया
उदयपुर ने अक्टूबर 2025 की शुरुआत में यातायात प्रबंधन सुधारने और भीड़भाड़ कम करने के लिए व्यस्त फतेहपुरा चौराहे पर AI-संचालित ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इस प्रणाली में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा और स्मार्ट सेंसर का उपयोग होता है; प्रति चौराहा लागत लगभग ₹10 लाख है।
AI प्रणाली हर लेन में वाहनों की तत्काल गणना के आधार पर अपने आप ट्रैफिक सिग्नल का समय तय करती है। यह भीड़भाड़ वाली लेन को हरी बत्ती देती है और एम्बुलेंस तथा दमकल के सायरन पहचानकर तुरंत रास्ता खाली करती है। इस पहल से उदयपुर AI-आधारित यातायात प्रबंधन लागू करने वाले राजस्थान के पहले शहरों में से एक बन गया है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राजस्थान में शहरी यातायात के लिए उदयपुर के फतेहपुरा चौराहे पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाली ट्रैफिक सिग्नल पायलट परियोजना के महत्व की जाँच कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
अक्टूबर 2025 के आरंभ में शुरू हुआ फतेहपुरा पायलट तेज़ तस्वीर लेने वाले कैमरों और स्मार्ट सेंसरों का उपयोग करता है, जिसकी प्रति चौराहा लागत लगभग 10 लाख रुपये है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाहनों की गिनती के आधार पर सिग्नल का समय अपने-आप तय करती है और एम्बुलेंस एवं अग्निशमन सायरन पहचानकर रास्ता खाली करती है, जिससे उदयपुर राजस्थान में एआई-आधारित यातायात प्रबंधन का अग्रणी शहर बना।
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उदयपुर की कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित यातायात प्रणाली में आपातकालीन वाहनों के लिए कौन-सी विशेष सुविधा है?
व्याख्या · सही उत्तर AAI प्रणाली एम्बुलेंस और दमकल के सायरन पहचानकर तुरंत हरी बत्ती देती है।