उदयपुर ने अक्टूबर 2025 की शुरुआत में यातायात प्रबंधन सुधारने और भीड़भाड़ कम करने के लिए व्यस्त फतेहपुरा चौराहे पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से चलने वाली ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली का पायलट शुरू किया। इस प्रणाली में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरे और स्मार्ट सेंसर लगे हैं। पायलट की लागत प्रति चौराहा लगभग ₹10 लाख है।

एआई प्रणाली हर लेन में उसी समय मौजूद वाहनों की संख्या के आधार पर अपने-आप सिग्नल का समय तय करती है। यह भीड़भाड़ वाली लेन को हरी बत्ती देती है और एम्बुलेंस व दमकल गाड़ियों के सायरन पहचानकर तुरंत रास्ता खाली कराती है। इससे उदयपुर एआई आधारित यातायात प्रबंधन अपनाने वाले राजस्थान के शुरुआती शहरों में शामिल हो गया है। सफल पायलट के बाद इस प्रणाली को और चौराहों तक बढ़ाने की योजना है।