बजट 2026-27 में कुल बुनियादी ढांचा परिव्यय 12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया (FY26 में 11.2 लाख करोड़ से)। सरकार का पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये और प्रभावी पूंजीगत व्यय 17.15 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। प्रमुख आवंटन हैं: रेलवे 2,77,830 करोड़, रक्षा पूंजी 2,19,306 करोड़, CCUS 20,000 करोड़, RDSS 18,000 करोड़। तकनीकी वस्त्रों में मूल्य वर्धन के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क — प्राकृतिक रेशा योजना, वस्त्र विस्तार और रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम शामिल हैं। परमाणु ऊर्जा मिशन जारी है — लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों के लिए 20,000 करोड़। बजट में राजकोषीय समेकन के साथ बुनियादी ढांचा विस्तार का संतुलन रखा गया है — ऋण-GDP अनुपात 56.1% से 55.6%।
बजट 2026: बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़; CCUS 20,000 करोड़; टेक्सटाइल मेगा पार्क
बुनियादी ढांचा 12.2 लाख करोड़; प्रभावी पूंजीगत व्यय 17.15 लाख करोड़; टेक्सटाइल मेगा पार्क; परमाणु SMR 20,000 करोड़; ऋण-GDP 55.6%।
मुख्य तथ्य
- बजट 2026-27 में कुल बुनियादी ढांचा परिव्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया; कुल पूंजीगत व्यय ₹16,95,768 करोड़ अनुमानित है (+RE FY26 से 8.8%)।
- प्रमुख आवंटन: रेलवे ₹2,77,830 करोड़, रक्षा पूंजी ₹2,19,306 करोड़, CCUS ₹20,000 करोड़, RDSS ₹18,000 करोड़।
- तकनीकी वस्त्रों में मूल्य वर्धन के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क, प्राकृतिक फाइबर योजना और वस्त्र विस्तार योजना घोषित की गई।
- लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) के लिए ₹20,000 करोड़ के साथ परमाणु ऊर्जा मिशन जारी।
- बुनियादी ढांचे के विस्तार और राजकोषीय समेकन में संतुलन रखते हुए GDP के अनुपात में ऋण 56.1% से घटकर 55.6% होने का अनुमान है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के विकास हेतु सरकार का भविष्योन्मुखी रोडमैप क्या है? — दोनों परमाणु ऊर्जा मिशन के तहत लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों हेतु केंद्रीय बजट प्राथमिकताओं से जुड़ते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय बजट 2026-27 में पूंजी व्यय की प्राथमिकताओं की परीक्षा कीजिए, विशेषकर 12.2 लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा परिव्यय, कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण के लिए 20,000 करोड़ रुपये के आवंटन तथा परमाणु ऊर्जा मिशन के अंतर्गत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर के संदर्भ में।
उत्तर (50 शब्द):
बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचा परिव्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये और कुल पूंजी व्यय 16,95,768 करोड़ रुपये किया गया, जो 8.8 प्रतिशत वृद्धि है। प्रमुख आवंटनों में रेलवे 2,77,830 करोड़, रक्षा 2,19,306 करोड़, सीसीयूएस और परमाणु मिशन एसएमआर के लिए 20,000-20,000 करोड़ रुपये शामिल हैं; ऋण-जीडीपी अनुपात 56.1 से 55.6 प्रतिशत गिरा।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 में कुल अवसंरचना पूंजीगत व्यय कितना घोषित किया गया?
लेख में बताया गया है कि अवसंरचना परिव्यय वित्त वर्ष 2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय कितना है?
बजट 2026-27 में कुल बुनियादी ढांचा परिव्यय बढ़ाकर **₹12.2 लाख करोड़** किया गया, जो FY26 के ₹11.2 लाख करोड़ से ~11.5% अधिक है। कुल पूंजीगत व्यय **₹16,95,768 करोड़** (+8.8%) है, जबकि ऋण-GDP अनुपात **56.1% से 55.6%** तक घटने का अनुमान है।
बजट 2026-27 में मेगा टेक्सटाइल पार्क क्या हैं?
बजट 2026-27 में तकनीकी वस्त्रों में मूल्य वर्धन के लिए **मेगा टेक्सटाइल पार्क** घोषित किए गए। इसके साथ **प्राकृतिक रेशा योजना, वस्त्र विस्तार और रोजगार योजना** और **राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम** भी शामिल हैं। ये **₹12.2 लाख करोड़** के बुनियादी ढांचा परिव्यय का हिस्सा हैं।
बजट 2026-27 में परमाणु ऊर्जा मिशन को कितना आवंटन मिला?
**परमाणु ऊर्जा मिशन** के तहत **लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR)** के लिए बजट 2026-27 में **₹20,000 करोड़** आवंटित किए गए। यह **₹12.2 लाख करोड़** के कुल बुनियादी ढांचा परिव्यय का हिस्सा है। पहली बार SMR में निजी भागीदारी की अनुमति भी मिली।
बजट 2026-27 में RDSS को कितना आवंटन मिला?
**RDSS (पुनरीक्षित वितरण क्षेत्र योजना)** को बजट 2026-27 में **₹18,000 करोड़** मिले — **स्मार्ट मीटरिंग, AT&C हानि में कमी** और **DISCOM की वित्तीय स्थिरता** सहित बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए।
बजट 2026-27 के तहत भारत का ऋण-GDP अनुपात लक्ष्य क्या है?
बजट 2026-27 में भारत का **ऋण-GDP अनुपात 55.6%** अनुमानित है, जो FY26 के 56.1% से कम है। दीर्घकालिक लक्ष्य **2030-31 तक 50%** है। राजकोषीय घाटा **GDP का 4.3%** (4.4% से कम) और सार्वजनिक पूंजीगत व्यय **₹12.2 लाख करोड़** रखा गया है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें