28 जनवरी 2026 को प्रकाशित यह अपडेट जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग पर्यटक स्थल पर हुए भीषण हिमस्खलन से जुड़ा है। भारी बर्फबारी के बाद हिमस्खलन ने इमारतों और वाहनों को अपनी चपेट में लिया। वेब रिपोर्टों के अनुसार यह घटना 27 जनवरी 2026 की देर रात करीब 10:12 बजे गांदरबल जिले के सोनमर्ग क्षेत्र में हुई और सीसीटीवी में बर्फ व मलबे की तेज़ लहर कई ढांचों की ओर बढ़ती दिखी। अधिकारियों ने जान-माल के बड़े नुकसान की सूचना नहीं दी, लेकिन मौसम और बर्फ जमा होने से आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुआ और श्रीनगर हवाई अड्डे पर 58 निर्धारित उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे पर्यटन, नागरिक आवाजाही, आपूर्ति और आपात सेवाओं पर तत्काल असर पड़ा। एनडीआरएफ और सेना ने बचाव अभियान शुरू किया, जबकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील इलाकों के लिए चेतावनी और हेल्पलाइन व्यवस्था पर ज़ोर दिया। इसलिए प्रारंभिक परीक्षा में स्थान, समय, असर और प्रतिक्रिया को साफ़ क्रम में याद रखना उपयोगी है।

हिमालयी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएँ आपदा प्रबंधन, परिवहन अवसंरचना और पर्यटन-आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के जोखिम को एक साथ दिखाती हैं। हिमस्खलन सामान्यतः ढीली बर्फ और स्लैब प्रकारों में समझे जाते हैं; भारी ताज़ा बर्फ, ढलान, कमजोर परत और तापमान-परिवर्तन इनके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। स्टैटिक जीके में जम्मू-कश्मीर की पर्वतीय अवस्थिति, गांदरबल-सोनमर्ग क्षेत्र, सड़क संपर्क, पूर्व चेतावनी, जोखिम मानचित्रण और राहत-बचाव तंत्र को साथ पढ़ना चाहिए। प्रारंभिक परीक्षा में स्थान, कारण, प्रभाव और संस्थागत प्रतिक्रिया पूछी जा सकती है; मुख्य परीक्षा में पर्वतीय पर्यटन, जलवायु जोखिम और आपदा-पूर्व तैयारी पर छोटा नोट बन सकता है।