भारत की संसद का शीतकालीन सत्र 2025, 1 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ और 19 दिसंबर 2025 तक चला। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश और पारित किए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण SHANTI विधेयक, 2025 था, जिसने परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए सिविल दायित्व अधिनियम, 2010 का स्थान लिया। इस विधेयक के तहत भारतीय निजी कंपनियाँ और सरकारी संस्थाओं के साथ उनके संयुक्त उद्यम केंद्र सरकार के लाइसेंस के अधीन परमाणु ऊर्जा उत्पन्न कर सकते हैं। SHANTI विधेयक 15 दिसंबर को लोकसभा में पेश हुआ, 17 दिसंबर को पारित हुआ, 18 दिसंबर को राज्यसभा ने मंजूर किया और 20 दिसंबर को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। देयता ढांचे में संयंत्र क्षमता के आधार पर 100 करोड़ से 3,000 करोड़ रुपये की स्तरीय व्यवस्था है। सत्र में MGNREGS अधिनियम के प्रतिस्थापन, बीमा कानून संशोधन, तंबाकू उत्पाद शुल्क विधेयक और वित्तीय सुधारों से जुड़े विधेयक भी पारित हुए। कुल 10 विधेयक लोकसभा में पेश किए गए और 8 विधेयक दोनों सदनों से पारित हुए।