प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जनवरी को गोवा में आयोजित चौथे भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 को ऑनलाइन संबोधित किया और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को सभी समझौतों में सबसे बड़ा बताया। उसी दिन इस समझौते की वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश के अवसर हैं और देश इस दशक के अंत तक तेल और गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखता है।

मोदी ने बताया कि इस समझौते से यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों में भारतीय किसानों, लघु उद्योगों, निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं की बाज़ार तक पहुँच काफ़ी बढ़ेगी। भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले व्यापार की 90% वस्तुओं पर शुल्क कम होगा या समाप्त हो जाएगा। इस समझौते से निवेश बढ़ने, वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखलाएँ मज़बूत होने और विनिर्माण व सेवाओं में नए अवसर बनने की उम्मीद है।