राजस्थान सरकार ने राजस्थान औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति 2026 लॉन्च की, जिसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और राजस्थान को घरेलू एवं वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। यह नीति 9-11 दिसंबर 2024 को हुए राइज़िंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के बाद Invest Rajasthan की गति के संदर्भ में जारी की गई। इस समिट ने ₹35 लाख करोड़ से अधिक के निवेश आशय आकर्षित किए थे।

नीति की प्रमुख विशेषताएं हैं: नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन ढांचा; एंकर उद्योगों को तरजीही भूमि आवंटन; सरलीकृत मंजूरी तंत्र; स्टाम्प ड्यूटी छूट और बिजली शुल्क रियायत सहित राजकोषीय लाभ; और व्यवसाय शुरू करने में लगने वाला समय घटाने के लिए प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचे का समर्थन। नीति विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे वस्त्र, कृषि-प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली और फार्मास्युटिकल को लक्षित करती है।

यह नीति राजस्थान की Rising Rajasthan 2047 दृष्टि और केंद्रीय बजट 2026-27 में MSME विकास पूंजी (₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड) पर दिए गए जोर से मेल खाती है। नीमराना (दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर), भिवाड़ी, अलवर, जोधपुर और RIICO के 350 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों के नेटवर्क को मजबूत नीतिगत समर्थन से लाभ मिलेगा।