भारत ने 2025 में खनिज और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025 (MMDR संशोधन) के तहत विभिन्न राज्यों में 141 ब्लॉकों की देश की अब तक की सबसे बड़ी खनिज ब्लॉक नीलामी आयोजित की। यह सरकार की खनिज संपदा के मुद्रीकरण और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात निर्भरता कम करने की रणनीति में आई उल्लेखनीय तेजी को दर्शाता है।

राजस्थान 22 नीलाम ब्लॉकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य की समृद्ध भूवैज्ञानिक संपदा को दर्शाता है। राजस्थान में नीलाम किए गए प्रमुख खनिजों में फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम, चूना पत्थर और तांबा अयस्क शामिल हैं। MMDR संशोधन 2025 में प्रतिस्पर्धी नीलामी को अनिवार्य बनाया गया, विवेकाधीन आवंटन समाप्त किया गया और राज्य सरकारों तथा स्थानीय समुदायों के पक्ष में संशोधित राजस्व साझेदारी व्यवस्था लागू की गई।

सरकार का व्यापक खनिज लक्ष्य GDP में खनिज राजस्व के योगदान को मौजूदा 3.4% से बढ़ाकर FY30 तक 5% करना है। भारत लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को भी प्राथमिकता दे रहा है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी भंडारण के लिए आवश्यक हैं। राजस्थान के फॉस्फेट भंडार घरेलू उर्वरक उत्पादन के लिए भी रणनीतिक महत्व रखते हैं।