16वाँ भारत-EU शिखर सम्मेलन 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लायेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने की। उनकी यात्रा 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह के साथ रखी गई थी। शिखर सम्मेलन में 'टुवर्ड्स 2030: ज्वाइंट इंडिया-EU कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक एजेंडा' के तहत ऐतिहासिक परिणाम सामने आए। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का पूरा होना था, जिसे 'सभी सौदों की माँ' कहा गया। FTA के तहत भारत EU कारों पर शुल्क 110% से 10%, मशीनरी पर 44% तक और रसायनों पर 22% तक घटाएगा; EU भारतीय फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा और कृषि उत्पादों को अपने 45 करोड़ उपभोक्ता बाजार में प्राथमिकता देगा। FTA का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार €12,000 करोड़ से €20,000 करोड़ तक बढ़ाना है। दूसरा ऐतिहासिक परिणाम पहली बार व्यापक सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर था, जिससे संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया जानकारी साझा करने और AI, ड्रोन व उभरती सैन्य प्रौद्योगिकियों में सह-विकास का रास्ता खुलेगा। अन्य परिणामों में EU-India Innovation Hubs, EU-India Startup Partnership, वैज्ञानिक सहयोग समझौते का 2030 तक नवीनीकरण, Horizon Europe से भारत के जुड़ाव पर वार्ता, गतिशीलता समझौता, और हरित हाइड्रोजन सहयोग शामिल हैं।