7 नवंबर 2025 को नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी मैडम मैरी क्यूरी की जयंती पर राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया गया। रेडियम और पोलोनियम पर उनके शोध ने कैंसर के इलाज में विकिरण चिकित्सा की नींव रखी। डॉ. हर्षवर्धन ने 2014 में इस दिवस की घोषणा की थी और तब से यह हर वर्ष मनाया जाता है।

दुनिया भर के कैंसर मामलों में भारत की हिस्सेदारी 7.2% है। स्तन, होंठ और मुख गुहा, गर्भाशय ग्रीवा तथा फेफड़ों के कैंसर प्रमुख प्रकारों में शामिल हैं। ICMR के आँकड़ों के अनुसार, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का शीघ्र पता लगने पर जीवित रहने की दर में 80% तक सुधार हो सकता है। सरकारी अस्पतालों, कैंसर संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों ने शहरों और ग्रामीण इलाकों में मुफ़्त जाँच शिविर लगाए और जागरूकता अभियान चलाए।