प्रकाशित: 27 नवंबर 2025DD Newsटॉपिक
प्रधानमंत्री मोदी ने परमाणु क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खोलने की बात कही; स्काईरूट के विक्रम-1 कक्षीय रॉकेट का अनावरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर 2025 को घोषणा की कि भारत पहली बार परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है। यह परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1962 के बाद एक ऐतिहासिक बदलाव है। इन सुधारों से छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों, उन्नत रिएक्टरों और परमाणु नवाचार में अवसर पैदा होंगे।
यह घोषणा हैदराबाद में स्काईरूट एयरोस्पेस के इन्फिनिटी कैंपस के उद्घाटन के दौरान की गई, जहां उन्होंने विक्रम-I — भारत के पहले निजी रूप से निर्मित उपग्रह प्रक्षेपण यान — का अनावरण किया। मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने की सफलता को मॉडल बताया। सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में परमाणु ऊर्जा (शांति) विधेयक 2025 पेश किया। विधेयक 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता का लक्ष्य तय करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने वाले शांति विधेयक 2025 के प्रस्ताव तथा 2047 तक 100 गीगावाट लक्ष्य प्राप्ति की व्यवहार्यता की समीक्षा करें।
उत्तर (50 शब्द):
27 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने 1962 परमाणु ऊर्जा अधिनियम से हटते हुए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने की घोषणा की। शीतकालीन सत्र में प्रस्तावित शांति विधेयक 2025 का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता है। हैदराबाद में स्काईरूट के विक्रम-एक अनावरण के समय घोषित ये सुधार लघु मॉड्यूलर रिएक्टर नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
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