प्रकाशित: 28 दिसंबर 2025शासन
अगरबत्ती मानक IS 19412:2025 जारी — भारत का पहला विशेष अगरबत्ती मानक
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में आईएस 19412:2025 जारी किया, जो अगरबत्ती के लिए भारत का पहला समर्पित भारतीय मानक है। यह मानक उपभोक्ता संरक्षण, भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका और उपभोक्ता उत्पादों में गुणवत्ता नियंत्रण को जोड़कर देखने के लिए महत्वपूर्ण है। यह मानक उपभोक्ता सुरक्षा, घर के भीतर वायु गुणवत्ता, पर्यावरणीय स्थिरता और उत्पाद गुणवत्ता से जुड़ता है। इसलिए सुरक्षा और गुणवत्ता का प्रश्न केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शासन-व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए उपयोगी उदाहरण बनता है।
आईएस 19412:2025 एलेथ्रिन, पर्मेथ्रिन, साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन और फिप्रोनिल जैसे हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित करता है। इसी कारण परीक्षा की दृष्टि से यह मानक नियमन, उत्पाद सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और बाजार में भरोसे से जुड़ा उदाहरण बनता है। भारत सालाना लगभग ₹8,000 करोड़ की अगरबत्ती बनाता है और 150 से अधिक देशों को लगभग ₹1,200 करोड़ का निर्यात करता है। इसलिए यह विषय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी उपयोगी है, क्योंकि मानक-आधारित गुणवत्ता से निर्यात प्रतिस्पर्धा और वैश्विक बाजार तक पहुंच मजबूत होती है।
स्टैटिक जीके से इसका लिंक भारतीय मानक ब्यूरो, मानकीकरण, उपभोक्ता संरक्षण और व्यापार से जुड़े गुणवत्ता नियमों से बनता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में ऐसे उदाहरण मुख्य परीक्षा में शासन-व्यवस्था और अर्थव्यवस्था के उत्तरों में उपयोगी हो सकते हैं, खासकर जब प्रश्न मानक-निर्माण, घरेलू उद्योग, निर्यात या उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा हो। प्रारंभिक परीक्षा में आईएस 19412:2025, प्रतिबंधित रसायनों, अगरबत्ती उद्योग के आकार और निर्यात आंकड़ों पर तथ्यात्मक प्रश्न बन सकते हैं।
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अगरबत्तियों पर भारत का पहला समर्पित मानक, आईएस 19412:2025, निम्नलिखित में से किस हानिकारक रसायन पर रोक लगाता है?
व्याख्या · सही उत्तर AIS 19412:2025 अगरबत्ती पर भारत का पहला विशेष मानक है। यह एलेथ्रिन, पर्मेथ्रिन, साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन और फिप्रोनिल सहित हानिकारक रसायनों पर प्रतिबंध लगाता है। भारत सालाना 8,000 करोड़ रुपये की अगरबत्ती का उत्पादन करता है और 150 से अधिक देशों को 1,200 करोड़ रुपये का निर्यात करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईएस 19412:2025 क्या है?
आईएस 19412:2025 अगरबत्ती के लिए भारत का पहला समर्पित भारतीय मानक है। इसे भारतीय मानक ब्यूरो ने विकसित किया और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में जारी किया।
आईएस 19412:2025 महत्वपूर्ण क्यों है?
यह उपभोक्ता सुरक्षा, घर के भीतर वायु गुणवत्ता, पर्यावरणीय स्थिरता और उत्पाद गुणवत्ता से जुड़ा मानक है। इससे अगरबत्ती जैसे रोज़मर्रा के उत्पाद में सुरक्षित सामग्री और भरोसेमंद गुणवत्ता पर ज़ोर मिलता है।
यह मानक किन रसायनों पर रोक लगाता है?
यह एलेथ्रिन, पर्मेथ्रिन, साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन और फिप्रोनिल जैसे हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित करता है।
भारत के अगरबत्ती उद्योग का आर्थिक महत्व क्या है?
भारत सालाना लगभग ₹8,000 करोड़ की अगरबत्ती बनाता है और 150 से अधिक देशों को लगभग ₹1,200 करोड़ का निर्यात करता है। इसलिए यह विषय घरेलू उद्योग, निर्यात प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता मानकों से जुड़ता है।
RAS और UPSC तैयारी में यह विषय कैसे उपयोगी है?
परीक्षा की दृष्टि से यह उदाहरण भारतीय मानक ब्यूरो, मानकीकरण, उपभोक्ता संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और निर्यात प्रतिस्पर्धा को जोड़ता है। मुख्य परीक्षा में इसे नियमन, उद्योग और उपभोक्ता अधिकारों के उत्तरों में इस्तेमाल किया जा सकता है।