मधुमेह और वजन घटाने में इस्तेमाल होने वाली बहुचर्चित दवा सेमाग्लूटाइड — जिसे ओज़ेम्पिक और वेगोवी के नाम से बेचा जाता है — पर नोवो नॉर्डिस्क का पेटेंट भारत में 20-21 मार्च 2026 को समाप्त हो गया। इसके बाद भारतीय फार्मा इतिहास में जेनेरिक दवाओं की सबसे बड़ी होड़ में से एक शुरू हुई। सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज, जाइडस, ल्यूपिन, सिप्ला और नेटको सहित 40+ कंपनियों ने इसके जेनेरिक संस्करण लॉन्च किए। नेटको की कीमत ₹1,290/माह से शुरू होती है, जबकि मूल कंपनी की दवाओं की कीमत ₹8,800-16,400 है — यानी 70-90% की कमी। भारत में लगभग 10.1 करोड़ मधुमेह रोगी (ICMR 2023) और 25.4 करोड़ मोटापे के शिकार नागरिक हैं।