सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने GDP के आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने की घोषणा की; संशोधित आंकड़े 27 फरवरी 2026 को जारी होंगे। IIP का आधार वर्ष भी 2022-23 और CPI का 2024 होगा।

भारत में आधार वर्ष में यह 8वां बदलाव है (पिछला बदलाव: जनवरी 2015 में 2004-05 से 2011-12)। इस संशोधन में डिजिटलीकरण, उद्यमों के औपचारीकरण और खपत के पैटर्न में आए बदलावों को ध्यान में रखा गया है। ASUSE और PLFS सर्वेक्षणों से आंकड़ों के स्रोत बेहतर हुए। नई श्रृंखला में FY26 में वास्तविक GDP वृद्धि 7.6% रहने का अनुमान है।