ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) की 'विकसित भारत के लिए हरित अर्थव्यवस्था निर्माण' शीर्षक रिपोर्ट के अनुसार, हरित मूल्य श्रृंखलाओं में महिलाओं को मुख्यधारा में लाए बिना भारत 2047 तक $30 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकता। महिला श्रम बल की भागीदारी वर्तमान में 41.7% है, जबकि पुरुषों की 78.8%।

रिपोर्ट के अनुसार लैंगिक विविधता में हर 1% वृद्धि से उत्पादकता में 2.9% लाभ होता है। इसमें सौर विनिर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन असेंबली, अपशिष्ट प्रबंधन और टिकाऊ कृषि क्षेत्रों में महिलाओं को शामिल करने की सिफारिश की गई। हरित अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण 2030 तक 3.5 करोड़ नई नौकरियां सृजित कर सकता है।