स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने 2027 तक लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रव्यापी MDA अभियान शुरू किया
Aसीधा उत्तर
फाइलेरिया उन्मूलन MDA अभियान का लक्ष्य 2027; 12 राज्यों के 124 जिले; 2.5 करोड़ प्रभावित आबादी लक्ष्य में शामिल।
मुख्य तथ्य
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 12 फरवरी 2026 को लसीका फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए वार्षिक राष्ट्रव्यापी सामूहिक दवा वितरण (MDA) अभियान शुरू किया।
भारत का लक्ष्य सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2030 की समय-सीमा से पहले, 2027 तक लसीका फाइलेरिया का उन्मूलन करना है; अभियान में 12 स्थानिक राज्यों के 124 जिले और 719 ब्लॉक शामिल हैं।
भारत में अनुमानित 2.5 करोड़ लोग लसीका फाइलेरिया से प्रभावित हैं; MDA के तहत जोखिम वाली पूरी आबादी को डीईसी और एल्बेंडाज़ोल दिया जाता है।
स्थानिक संक्रमण के कारण राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जिले भी लक्षित क्षेत्रों में शामिल हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 12 फरवरी 2026 को लसीका फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए वार्षिक राष्ट्रव्यापी सामूहिक दवा वितरण (MDA) अभियान शुरू किया। भारत ने सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2030 की समय-सीमा से पहले, 2027 तक इसके उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। अभियान में 12 स्थानिक राज्यों के 124 जिले और 719 ब्लॉक शामिल हैं।
भारत में अनुमानित 2.5 करोड़ लोग लसीका फाइलेरिया से प्रभावित हैं। MDA के तहत जोखिम वाली पूरी आबादी को फाइलेरिया-रोधी दवाएँ डीईसी और एल्बेंडाज़ोल दी जाती हैं। स्थानिक संक्रमण के कारण राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जिले भी लक्षित क्षेत्रों में शामिल हैं।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2027 तक लसिका फाइलेरिया उन्मूलन के लिए भारत की सामूहिक औषधि प्रशासन रणनीति का दायरा, दवा-संयोजन और केंद्र-राज्य क्रियान्वयन सहित मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
जे.पी. नड्डा ने 12 फरवरी 2026 को एमडीए अभियान शुरू किया, जिसका लक्ष्य सतत विकास लक्ष्य 2030 से पहले, 2027 तक उन्मूलन है। यह 12 राज्यों के 124 स्थानिक जिलों और 719 प्रखंडों में 2.5 करोड़ प्रभावितों तक डीईसी और एल्बेंडाजोल पहुँचाता है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर तथा जोधपुर शामिल हैं।
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फरवरी 2026 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने क्या शुरू किया?
**केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा** ने **12 फरवरी 2026** को **लसीका फाइलेरिया** के उन्मूलन के लिए वार्षिक **राष्ट्रव्यापी सामूहिक दवा वितरण (MDA) अभियान** शुरू किया। भारत ने **सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2030 की समय-सीमा से पहले, 2027 तक उन्मूलन** का लक्ष्य रखा है।
लसीका फाइलेरिया क्या है और भारत में कितने लोग इससे प्रभावित हैं?
**लसीका फाइलेरिया**, जिसे आमतौर पर **हाथीपाँव** कहा जाता है, मच्छरों से फैलने वाले फाइलेरिया कृमियों के कारण होने वाली परजीवी बीमारी है। इससे अंगों में गंभीर सूजन (लिम्फेडेमा) हो सकती है। भारत में अनुमानित **2.5 करोड़ लोग** इससे प्रभावित हैं। MDA अभियान में **12 स्थानिक राज्यों के 124 जिले** शामिल हैं।
भारत में लसीका फाइलेरिया के सामूहिक दवा वितरण अभियान में कौन-सी दवाएँ दी जाती हैं?
लसीका फाइलेरिया के लिए भारत के **सामूहिक दवा वितरण (MDA) अभियान** में **डाइएथिलकार्बामाज़िन साइट्रेट (डीईसी), एल्बेंडाज़ोल और आइवरमेक्टिन** दी जाती हैं। यह तीन दवाओं वाली उपचार-पद्धति है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुझाई गई **आईडीए पद्धति** के अनुसार चलती है। आईडीए में आइवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाज़ोल दी जाती हैं। यह संयोजन पहले दी जाने वाली दो दवाओं की पद्धति से अधिक प्रभावी है।
2026 में लसीका फाइलेरिया के MDA अभियान में कितने जिले और राज्य शामिल हैं?
2026 में लसीका फाइलेरिया के लिए चलाए गए **MDA अभियान** में **12 स्थानिक राज्यों के 124 जिले और 719 ब्लॉक** शामिल हैं। प्रमुख स्थानिक राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और राजस्थान के कुछ हिस्से शामिल हैं।
लसीका फाइलेरिया उन्मूलन के लिए भारत का 2027 लक्ष्य क्या है और इसका क्या महत्व है?
भारत का लक्ष्य **विश्व स्वास्थ्य संगठन और सतत विकास लक्ष्यों की 2030 की समय-सीमा से तीन साल पहले, 2027 तक लसीका फाइलेरिया का उन्मूलन** करना है। दुनिया में लसीका फाइलेरिया का सबसे अधिक बोझ भारत पर है और विश्व के लगभग 40% मामले भारत में हैं। इसका उन्मूलन वैश्विक जन-स्वास्थ्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगा और भारत की स्वास्थ्य-कूटनीति को मज़बूत करेगा।
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