प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 सितंबर 2025 को गुजरात के भावनगर में 'समुद्र से समृद्धि' कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर ₹34,200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था, पत्तन विकास, क्रूज पर्यटन और आत्मनिर्भर समुद्री अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना था। इंदिरा डॉक पर मुंबई अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन इस कार्यक्रम का प्रमुख बिंदु रहा। इसके साथ पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तहत ₹66,025 करोड़ के समझौता ज्ञापनों का उल्लेख भी किया गया। कच्छ के धोरडो गांव को सौर ऊर्जा से लैस गांव के रूप में समर्पित करना भी इस कार्यक्रम से जुड़ा प्रमुख तथ्य है। धोरडो को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में भी मान्यता मिली है।

परीक्षा की दृष्टि से यह विषय अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, पर्यटन, ऊर्जा और समुद्री क्षेत्र को जोड़ता है। प्रीलिम्स में स्थान, परियोजना, राशि, मंत्रालय, क्रूज टर्मिनल और धोरडो जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे नीली अर्थव्यवस्था, पत्तन-आधारित विकास, समुद्री व्यापार, विदेशी निर्भरता घटाने और क्षेत्रीय विकास के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत का 2030 तक शीर्ष 10 वैश्विक समुद्री राष्ट्रों में शामिल होने का लक्ष्य भी इसी नीति-संदर्भ को मजबूत करता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं के लिए यह करेंट अफ़ेयर्स विषय स्टैटिक जीके से भी जुड़ता है, क्योंकि इसमें गुजरात, कच्छ, समुद्री परिवहन, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के तथ्य एक साथ आते हैं। ऐसे विषयों में तथ्य याद रखने के साथ नीति के बड़े उद्देश्य को समझना भी जरूरी है।