राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने 7 जनवरी 2026 को FY 2025-26 का पहला अग्रिम अनुमान (FAE) जारी किया। इसमें अनुमान लगाया गया कि भारत की वास्तविक GDP FY26 में 7.4% की दर से बढ़ेगी, जो FY25 के 6.5% से अधिक है। नाममात्र GDP वृद्धि 8% आंकी गई। 2011-12 की स्थिर कीमतों पर GDP ₹201.90 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान था। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि Q2 FY26 में 9% तक उबरी, जबकि Q2 FY25 में यह 2.2% तक गिर गई थी। खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 4.6% से घटकर 1.7% रह गई। भारत लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा और चीन, अमेरिका तथा सभी G20 देशों से आगे रहा। जनवरी 2026 की शुरुआत में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 687 अरब अमेरिकी डॉलर था। FAE केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी के लिए एक प्रमुख आधार है; यह बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया गया।
NSO ने पहला अग्रिम अनुमान जारी किया: FY26 में भारत की वास्तविक GDP 7.4% बढ़ेगी, लगातार चौथे वर्ष सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने 7 जनवरी 2026 को FY 2025-26 का पहला अग्रिम अनुमान (FAE) जारी किया। इसमें अनुमान लगाया गया कि भारत की वास्तविक GDP FY26 में 7.4% की दर से बढ़ेगी, जो FY25 के 6.5% से अधिक है। नाममात्र GDP वृद्धि 8% आंकी गई। 2011-12 की स्थिर कीमतों पर GDP ₹201.90 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान था। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि Q2 FY26 में 9% तक संभली, जबकि Q2 FY25 में यह 2.2% तक गिर गई थी। खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 4.6% से घटकर 1.7% रह गई। भारत लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा और चीन, अमेरिका तथा सभी G20 देशों से आगे रहा। जनवरी 2026 की शुरुआत में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 687 अरब अमेरिकी डॉलर था। FAE केंद्रीय बजट 2026-27 की योजना बनाने के लिए एक प्रमुख आधार है, जिसे 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया गया।
मुख्य तथ्य
- NSO ने FY26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान लगाया, जो FY25 के 6.5% से अधिक है।
- नाममात्र GDP वृद्धि 8% आंकी गई और वास्तविक GDP ₹201.90 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है।
- निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) की GDP में हिस्सेदारी 61.5% तक बढ़ी।
- विनिर्माण वृद्धि Q2 FY25 के 2.2% से उबरकर Q2 FY26 में 9% हो गई।
- खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 4.6% से गिरकर 1.7% हो गई।
- भारत लगातार चौथे वर्ष सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: एनएसओ के वित्त वर्ष 2025-26 के पहले अग्रिम जीडीपी अनुमान के प्रमुख निष्कर्षों तथा वृहद-आर्थिक नीति के लिए उनके निहितार्थों की परीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
7-9 जनवरी 2026 को जारी एनएसओ के पहले अग्रिम अनुमान में वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि पहले यह 6.5 प्रतिशत था; जीडीपी 201.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने, नाममात्र वृद्धि 8 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में विनिर्माण 9 प्रतिशत, खुदरा मुद्रास्फीति 1.7 प्रतिशत और भंडार लगभग 687 अरब डॉलर रहने का संकेत है।
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जनवरी 2026 के आसपास राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने पहला अग्रिम अनुमान जारी किया। इसके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की अनुमानित वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर क्या है?
एनएसओ के पहले अग्रिम अनुमान ने वित्त वर्ष 2026 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4% प्रक्षेपित की, जो वित्त वर्ष 2025 के 6.5% से अधिक है, और भारत को लगातार चौथे वर्ष विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में पुष्ट किया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NSO ने FY 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर कितनी अनुमानित की?
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने FY 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% अनुमानित की, जो FY25 के 6.5% से अधिक है। नाममात्र GDP वृद्धि 8% और वास्तविक GDP 2011-12 की स्थिर कीमतों पर ₹201.90 लाख करोड़ अनुमानित है।
GDP का पहला अग्रिम अनुमान (FAE) क्या है और FY26 के लिए यह कब जारी किया गया?
पहला अग्रिम अनुमान (FAE) NSO द्वारा वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले जारी किया जाने वाला राष्ट्रीय GDP का प्रारंभिक अनुमान है, जिसका उपयोग बजट नियोजन में होता है। FY 2025-26 के लिए FAE 7 जनवरी 2026 को जारी किया गया, जिसमें 7.4% वास्तविक GDP वृद्धि अनुमानित की गई।
FY26 के FAE के अनुसार भारत की GDP में निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) की हिस्सेदारी कितनी थी?
पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, FY26 में निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) की GDP में हिस्सेदारी 61.5% थी। इससे पता चलता है कि आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में घरेलू उपभोग की भूमिका मजबूत रही।
Q2 FY26 में भारत के विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन Q2 FY25 की तुलना में कैसा रहा?
भारत का विनिर्माण क्षेत्र Q2 FY25 के 2.2% से उबरकर Q2 FY26 में 9% की मजबूत वृद्धि पर आ गया। इस सुधार ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
FY26 तक भारत लगातार कितने वर्षों से सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है?
FY 2025-26 तक भारत लगातार चौथे वर्ष सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति 4.6% से घटकर 1.7% हो गई, जिससे निरंतर आर्थिक विकास में मदद मिली।
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