डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 की अधिसूचना से डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 का पूर्ण क्रियान्वयन शुरू हुआ। परीक्षा में इसे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा, नागरिक अधिकारों और वैध डेटा प्रसंस्करण के शासन-आधारित उदाहरण के रूप में पढ़ना उपयोगी है।
इस ढांचे का केंद्रीय विचार यह है कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा का उपयोग ज़िम्मेदारी से हो, डेटा प्रधान के अधिकार सुरक्षित रहें और डेटा न्यासी कानून के दायरे में डेटा प्रसंस्करण करें। इसलिए यह केवल तकनीकी विषय नहीं है; यह नागरिक अधिकार, जवाबदेही और नियामकीय अनुपालन का भी विषय है। भारत का डेटा संरक्षण बोर्ड डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धारा 18 के अंतर्गत स्थापित किया गया है। इसका काम अनुपालन पर नज़र रखना और व्यक्तिगत डेटा उल्लंघनों की जाँच करना है।
RAS, UPSC और राजस्थान की अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए यह अपडेट प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा, दोनों में उपयोगी है। प्रीलिम्स में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, भारत का डेटा संरक्षण बोर्ड, डेटा प्रधान और डेटा न्यासी जैसे तथ्य सीधे पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इससे डिजिटल गवर्नेंस, नागरिक अधिकारों, डेटा संरक्षण, जवाबदेही और वैध डेटा प्रसंस्करण पर उत्तर लिखने का आधार बनता है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में ऐसे विषयों में सही वर्ष, निकाय और कानूनी आधार अलग-अलग विकल्पों के बीच अंतर करा सकते हैं। स्टैटिक जीके से जोड़कर देखें तो इसे संविधान और शासन, नागरिक अधिकारों तथा कंप्यूटर और आईसीटी वाले हिस्सों से जोड़कर पढ़ा जा सकता है।
