पश्चिम एशिया संकट के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हाल के दिनों में कई वार्ताएं हुईं। हाल की चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नौवहन सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित रही। यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के हालिया कच्चे तेल आयात का लगभग आधा, और दीर्घकालिक औसत में लगभग 40%, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। इसी बीच लगभग दस लाख बैरल सऊदी कच्चा तेल ले जाने वाला लाइबेरिया के ध्वज वाला सुएजमैक्स टैंकर शेनलॉन्ग जलडमरूमध्य पार कर मुंबई बंदरगाह पहुंचा।