राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2025 को 16 नवंबर को नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में मनाया गया। इसका विषय "बढ़ती गलत सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता की रक्षा" था। कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन शामिल हुए। यह अवसर केवल स्मरण तक सीमित नहीं था; इसका सीधा संबंध सूचना व्यवस्था, लोकतंत्र और मीडिया की जवाबदेही से था।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस भारतीय प्रेस परिषद की वर्षगांठ से जुड़ा है। भारतीय प्रेस परिषद को संसद के एक अधिनियम के तहत 1966 में अर्ध-न्यायिक प्राधिकरण के रूप में स्थापित किया गया था और 1979 में पुनः स्थापित किया गया। इसका उद्देश्य प्रिंट मीडिया में ऐसी आंतरिक स्व-नियामक व्यवस्था बनाना है, जिससे स्वतंत्रता और जिम्मेदारी के साथ समाचार प्रकाशित हो सकें। परिषद प्रेस की स्वतंत्रता बनाए रखने, समाचार-पत्रों और समाचार एजेंसियों के मानक बेहतर करने तथा विधायिका और अन्य प्राधिकरणों को सलाह देने का काम भी करती है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय शासन, सांविधिक निकायों, लोकतांत्रिक जवाबदेही और मीडिया नैतिकता से जुड़ा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री, डीपफेक और सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचना पारंपरिक पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर दबाव डालती है। ऐसे में जिम्मेदार पत्रकारिता, तथ्यों की जाँच और पत्रकारिता के मानकों का पालन अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है। प्रारंभिक परीक्षा में तिथि, संस्था और विषय पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में प्रेस की स्वतंत्रता, स्व-नियमन और गलत सूचना से निपटने की संस्थागत क्षमता पर संक्षिप्त उत्तर लिखा जा सकता है। सामान्य ज्ञान के लिए इसे संवैधानिक और सांविधिक निकायों तथा भारतीय शासन की जवाबदेही व्यवस्था से जोड़कर पढ़ना उपयोगी है।
