प्रकाशित: 11 दिसंबर 2025DD Newsविज्ञान-प्रौद्योगिकी
एस.एन. बोस केंद्र के शोधकर्ताओं ने दवा खोजने के लिए पैथजेनी सॉफ्टवेयर विकसित किया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कोलकाता के एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूल विज्ञान केंद्र के शोधकर्ताओं ने पैथजेनी एल्गोरिदम बनाया। यह नया ओपन-सोर्स कम्प्यूटेशनल सॉफ्टवेयर बिना कृत्रिम विकृति पैदा किए दवा-प्रोटीन के अलग होने की प्रक्रिया को मॉडल कर दवा खोज में तेजी ला सकता है।
पैथजेनी सूक्ष्म स्तर पर प्राकृतिक चयन की नकल करता है: यह बहुत छोटे और निष्पक्ष आणविक गतिकी वाले कई प्रक्षेपपथ शुरू करता है और केवल उन्हीं प्रक्षेपपथों को आगे बढ़ाता है जो लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। ओपन-सोर्स रूप में उपलब्ध यह सॉफ्टवेयर वैश्विक शोधकर्ताओं और दवा कंपनियों को शुरुआती चरण की दवा खोज में तेजी लाने में मदद कर सकता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: एस.एन. बोस राष्ट्रीय केंद्र द्वारा विकसित पैथजेनी कम्प्यूटेशनल सॉफ्टवेयर अपने आणविक गतिकी दृष्टिकोण से दवा खोज को किस प्रकार आगे बढ़ाता है, इसे स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कोलकाता के एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूल विज्ञान केंद्र में बने ओपन-सोर्स दवा-खोज सॉफ्टवेयर पैथजेनी की घोषणा की। यह बहुत छोटे और निष्पक्ष आणविक-गतिकी रास्तों का एक झुंड चलाता है और इनमें से सिर्फ़ आगे बढ़ने वाले रास्तों को ही आगे ले जाता है। इस तरह संरचना बिगाड़े बिना यह दिखाता है कि दवा प्रोटीन से कैसे अलग होती है, जिससे सस्ती दवाओं के कितने असरदार रहने और कितनी देर टिकने का अनुमान मिल जाता है।
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