प्रकाशित: 15 फ़रवरी 2026PIB / DD Newsशासन
कैबिनेट ने बाजार-आधारित शहरी परिवर्तन के लिए ₹1 लाख करोड़ के शहरी चुनौती कोष (UCF) को मंजूरी दी
16 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने शहरी चुनौती कोष (UCF) को मंजूरी दी। यह आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के तहत ₹1 लाख करोड़ की केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे भारत भर में शहरी बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण की व्यवस्था बदलने के लिए बनाया गया है।
UCF परियोजना लागत का 25% केंद्रीय सहायता के रूप में देगा, जबकि कुल परियोजना वित्तपोषण का न्यूनतम 50% नगरपालिका बांड, बैंक ऋण और PPP जैसे बाजार स्रोतों से जुटाना होगा। FY 2025–26 से 2030–31 तक ₹4 लाख करोड़ का कुल निवेश अपेक्षित है, जिसे FY 2033–34 तक बढ़ाया जा सकता है। यह कोष भारत के सभी 4,223 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) पर केंद्रित है, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके भीतर ₹5,000 करोड़ की क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी योजना भी शामिल है, जो पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के शहरों को पहली बार बाजार से वित्त जुटाने की सुविधा देती है।
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर जैसे शहर इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: चर्चा करें कि 16 फरवरी 2026 को स्वीकृत शहरी चुनौती कोष भारतीय शहरी स्थानीय निकायों को किस प्रकार अनुदान-निर्भरता से बाज़ार वित्तपोषण की ओर ले जाता है।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 फरवरी 2026 को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन 1 लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती कोष स्वीकृत किया, जिसमें 4,223 शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं। केंद्रीय सहायता लागत का 25 प्रतिशत होगी, 50 प्रतिशत बाज़ार से जुटाना अनिवार्य है; 4 लाख करोड़ निवेश अपेक्षित है, 5,000 करोड़ की ऋण प्रतिपूर्ति गारंटी सहित।
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जुड़ा प्रश्नआसान
शहरी चुनौती कोष का उद्देश्य क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर Aशहरी चुनौती कोष बाजार-आधारित शहरी परिवर्तन को प्रेरित करने का लक्ष्य रखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शहरी चुनौती कोष (UCF) क्या है और इसे कब मंजूरी दी गई?
शहरी चुनौती कोष (UCF) आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के तहत ₹1 लाख करोड़ की बाजार-आधारित शहरी योजना है, जिसे 16 फरवरी 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसमें कम से कम 50% निजी वित्तपोषण अनिवार्य है।
UCF में कितने शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं और इसका कुल निवेश लक्ष्य क्या है?
UCF के दायरे में देश के सभी 4,223 शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) आते हैं और इसका लक्ष्य पाँच वर्षों में ₹4 लाख करोड़ का कुल निवेश जुटाना है।
शहरी चुनौती कोष पहले की सरकारी शहरी योजनाओं से किस प्रकार भिन्न है?
पहले की पूरी तरह सरकारी शहरी योजनाओं के विपरीत, UCF में कम से कम 50% निजी वित्तपोषण अनिवार्य है। इसलिए यह बाजार आधारित योजना है और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देती है।
UCF किस मंत्रालय के अधीन है और इसके प्रमुख क्षेत्र कौन से हैं?
UCF आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के अधीन है। इसके प्रमुख क्षेत्र बुनियादी ढाँचा, आवास, गतिशीलता और स्मार्ट-सिटी सेवाएं हैं, जो 'भविष्य के शहर' की परिकल्पना के अनुरूप हैं।