प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर 2025 को PM-SETU (उन्नत ITI के ज़रिए कौशल और रोज़गार क्षमता में बदलाव की प्रधानमंत्री योजना) शुरू की। इस परियोजना की कुल लागत ₹60,000 करोड़ है और इसकी अवधि 2025-2028 है। योजना के तहत हब-एंड-स्पोक मॉडल से 1,000 सरकारी ITI का कायाकल्प किया जाएगा।

इस ढांचे में उन्नत सुविधाओं वाले 200 हब ITI और उनसे जुड़े 800 स्पोक ITI होंगे, यानी हर हब से 4 स्पोक ITI जुड़े होंगे। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) जैसे संगठनों से जुड़ा कोई उद्योग भागीदार हर क्लस्टर की अगुवाई करेगा। भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना में 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) को उन्नत किया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) नोडल एजेंसी है। 2014 से 2025 के बीच ITI की संख्या लगभग 9,977 से बढ़कर 14,682 से अधिक हो गई।