जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत भारत सरकार ने 5 मार्च 2026 को डिजिटल शुभंकर 'प्रगति' (महिला) और 'विकास' (पुरुष) का अनावरण किया। इसके साथ ही एक स्व-गणना पोर्टल भी शुरू किया गया, जिससे नागरिक भारत के जनगणना इतिहास में पहली बार अपने घर का डेटा ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जनगणना दो चरणों में होगी: चरण 1 (भवन सूचीकरण) अप्रैल से सितंबर 2026, और चरण 2 (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में।

भारत की दशकीय जनगणना अंतिम बार 2011 में हुई थी; 2021 की जनगणना COVID-19 के कारण स्थगित हो गई थी। डिजिटल तरीके — मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह, भवनों की GPS जियोटैगिंग और बहुभाषी गणना — पारंपरिक कागज-आधारित जनगणना पद्धति से बड़ा बदलाव हैं।

जनगणना डेटा संसदीय और राज्य विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन, राज्यों को केंद्रीय निधि आवंटन और आरक्षण नीतियों के लिए तथ्यात्मक आधार प्रदान करता है। राजस्थान के लिए 2027 की जनगणना जनजातीय जनसंख्या, शहरी प्रवास, लिंगानुपात और साक्षरता पर नया डेटा देगी।