वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की संयुक्त खाद्य और उर्वरक सब्सिडी ₹3.71 लाख करोड़ पहुंची — इसमें 78.90 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न मिलने के संदर्भ में ₹2.03 लाख करोड़ खाद्य सब्सिडी और ₹1.67 लाख करोड़ उर्वरक सब्सिडी शामिल है। MSP भुगतान जून 2025 तक ₹3.33 लाख करोड़ तक तिगुने हो गए। भारत पोटाश के लिए 90% और फॉस्फेट के लिए 60% आयात पर निर्भर है।

नीति विश्लेषकों ने सब्सिडी का PM-KISAN में विलय, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और WTO के अनुरूप 'ग्रीन बॉक्स' उपायों की सिफारिश की। नीम-कोटिंग के बावजूद अनुमानित 20-25% सब्सिडी वाला यूरिया गैर-कृषि क्षेत्रों में जाता है। 76 लाख PM-KISAN लाभार्थियों वाला राजस्थान सब्सिडी सुधार चर्चाओं से काफी प्रभावित है।