राजस्थान 22,860 मेगावाट स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के साथ भारत में सौर ऊर्जा का निर्विवाद अग्रणी राज्य बन गया है। यह देश में सबसे अधिक है और भारत की कुल स्थापित सौर क्षमता का लगभग 27% है। यह उपलब्धि तब सामने आई जब नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार भारत ने 30 नवंबर 2025 तक 132.85 GW की कुल स्थापित सौर क्षमता का ऐतिहासिक स्तर पार किया। गुजरात लगभग 24.8 GW के साथ दूसरे स्थान पर है। राजस्थान की बढ़त के पीछे ठोस भौगोलिक लाभ हैं: राज्य में प्रतिवर्ष 325 से अधिक साफ धूप वाले दिन मिलते हैं और बड़े सौर पार्कों के लिए सबसे बड़ा शुष्क तथा अर्ध-शुष्क भूमि क्षेत्र उपलब्ध है। जोधपुर जिले का भड़ला सौर पार्क — 2,245 मेगावाट से अधिक क्षमता के साथ दुनिया के सबसे बड़े सौर पार्कों में से एक — राजस्थान के सौर परिदृश्य का केंद्र बिंदु बना हुआ है। राज्य सरकार ने 2030 तक 90 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सौर ऊर्जा का यह विकास 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य और COP26 में की गई '2070 तक नेट जीरो' प्रतिबद्धता को भी मजबूती देता है।