एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि 6.5% रहने का अनुमान लगाया है। इस अनुमान में मजबूत घरेलू खपत और सहायक मौद्रिक नीति को प्रमुख आधार बताया गया है। संस्था ने यह भी रेखांकित किया कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। वृद्धि के पीछे बुनियादी ढांचे में निवेश, डिजिटलीकरण और युवा कार्यबल को भी महत्वपूर्ण कारणों के रूप में रखा गया है।

परीक्षा में यह अनुमान संस्था, वृद्धि-दर और बताए गए कारणों के संयोजन के रूप में याद रखने योग्य है। यह तथ्य नवंबर 2025 का है और पूरे देश पर लागू है। जीडीपी वृद्धि का अनुमान प्रीलिम्स में सीधे तथ्य के रूप में पूछा जा सकता है, जैसे किस संस्था ने कितना अनुमान दिया और किन कारणों का उल्लेख किया। मुख्य परीक्षा की तैयारी में यही तथ्य अर्थव्यवस्था की मांग, निवेश, मौद्रिक नीति और विकास की गुणवत्ता पर छोटे विश्लेषण में काम आता है।

मौद्रिक नीति, घरेलू मांग और निवेश के संदर्भ में इसे पढ़ने से 6.5% अनुमान के पीछे के कारण स्पष्ट रहते हैं। मजबूत घरेलू खपत, सहायक मौद्रिक नीति, बुनियादी ढांचे में निवेश, डिजिटलीकरण और युवा कार्यबल को अलग-अलग नहीं, बल्कि 6.5% वृद्धि अनुमान के कारणों और भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति के साथ याद रखना चाहिए। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं के लिए याद रखने लायक मुख्य बातें ये हैं: एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स, वित्त वर्ष 2025-26, 6.5% जीडीपी वृद्धि, मजबूत खपत, सहायक मौद्रिक नीति, बुनियादी ढांचा, डिजिटलीकरण, युवा कार्यबल और भारत की तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था वाली स्थिति।