अबू धाबी में IUCN विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 के दौरान भारत ने अपना राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप और विजन 2025-2030 शुरू किया। इस पांच वर्षीय पहल का लक्ष्य लगभग 11,000 प्रजातियों (7,000 वनस्पति और 4,000 जीव) के विलुप्ति जोखिम का आकलन करना है। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा IUCN-भारत के सहयोग से संचालित यह रोडमैप कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद करता है।
भारत ने IUCN विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 में राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप जारी किया
भारत ने IUCN 2025 में 2030 तक 11,000 प्रजातियों के विलुप्ति जोखिम का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप जारी किया।
मुख्य तथ्य
- भारत ने राष्ट्रीय Red List Roadmap और Vision 2025-2030 जारी किया
- यह विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है
- IUCN Red List के अनुरूप; देशी प्रजातियों के मूल्यांकन को प्राथमिकता देता है
- भारत की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण में यह एक महत्वपूर्ण कदम है
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2023 राजस्थान के दक्षिणी अरावली क्षेत्र में पाई जाने वाली वन्य जीवन की प्रमुख संकटग्रस्त प्रजातियों के नाम बताइए। प्रदेश में वन्य जीवन के ह्रास के प्रमुख कारण क्या हैं? — लुप्तप्राय प्रजातियों पर यह प्रश्न भारत के राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप से मेल खाता है, जो 2030 तक 11,000 प्रजातियों में विलुप्ति जोखिम का आकलन करेगा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत ने आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 में राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप लॉन्च किया। जैव विविधता शासन एवं कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे की प्रतिबद्धताओं के लिए इसके महत्व का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
अबू धाबी में आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 में भारत ने राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप एवं विज़न 2025-2030 लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य 11,000 प्रजातियों — 7,000 वनस्पति एवं 4,000 जीव — के विलुप्ति जोखिम का आकलन करना है। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, आईयूसीएन भारत के सहयोग से, 6.33 प्रतिशत पौधों और 7.2 प्रतिशत जीवों के आकलन में मौजूद कमी को दूर करेंगे।
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IUCN 2025 में शुरू किए गए भारत के राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप का लक्ष्य 2030 तक लगभग कितनी प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का आकलन करना है?
भारत का राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप और विज़न 2025-2030 अबू धाबी में आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस में शुरू किया गया। इसका लक्ष्य 2030 तक लगभग 11,000 प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का आकलन करना है; इनमें 7,000 वनस्पति और 4,000 जीव प्रजातियाँ शामिल हैं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने अपना राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप और विजन 2025-2030 कहां शुरू किया?
भारत ने अपना राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप और विजन 2025-2030 अबू धाबी में 2025 की आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस में आरंभ किया।
भारत की पांच वर्षीय रेड लिस्ट पहल के तहत कितनी प्रजातियों के आकलन का लक्ष्य है?
इस पांच वर्षीय पहल के तहत लगभग 11,000 प्रजातियों के विलुप्ति जोखिम का आकलन करने का लक्ष्य है, जिनमें 7,000 वनस्पति और 4,000 जीव प्रजातियां शामिल हैं।
भारत के राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप का नेतृत्व कौन से संगठन कर रहे हैं?
इस रोडमैप का नेतृत्व भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण आईयूसीएन-भारत के सहयोग से कर रहे हैं।
वैश्विक आईयूसीएन रेड लिस्ट के लिए भारत की कितनी वनस्पति और पशु प्रजातियों का पहले ही आकलन हुआ है?
अभी भारत की केवल 6.33 प्रतिशत वनस्पति प्रजातियों और 7.2 प्रतिशत पशु प्रजातियों का वैश्विक आईयूसीएन रेड लिस्ट के लिए आकलन हुआ है।
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