10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास विस्फोटकों से भरी एक कार फट गई, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए। 17वीं सदी के मुगल काल के स्मारक के पास व्यस्त ट्रैफिक सिग्नल पर हुआ यह विस्फोट अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटकों से हुआ।

12 नवंबर को भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से इसे आतंकी कृत्य घोषित किया। NIA की जाँच में कार का संबंध पुलवामा के डॉक्टर उमर मोहम्मद से पाया गया। जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गज़वत-उल-हिंद से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार किए गए। कैबिनेट ने हमले की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया। पीएम मोदी ने LNJP अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात की।