5 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में अर्थ समिट 2025 का उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन में शाह ने 'सहकार सारथी' पहल के तहत 13 से अधिक नई सेवाएँ और डिजिटल उत्पाद शुरू किए — यह राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक तथा सहकारिता मंत्रालय की संयुक्त डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य देश भर में सहकारी बैंकों और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के लिए डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था को सक्षम बनाना है। प्रमुख शुरुआतों में डिजी किसान क्रेडिट कार्ड, कैम्पेन सारथी, वेबसाइट सारथी, सहकारी शासन सूचकांक और इलेक्ट्रॉनिक-प्राथमिक कृषि ऋण समिति प्लेटफ़ॉर्म शामिल रहे। डिजी किसान क्रेडिट कार्ड भारत के प्रमुख कृषि ऋण उपकरण — किसान क्रेडिट कार्ड — को आवेदन से वितरण तक पूरी तरह डिजिटल बनाएगा, जिससे प्रक्रिया का समय हफ्तों से घटकर घंटों में आ जाएगा। सहकारी शासन सूचकांक सहकारी संस्थाओं को पारदर्शिता, वित्तीय स्वास्थ्य और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली के आधार पर क्रम देगा और ऐसे क्षेत्र में जवाबदेही के मानक लाएगा जो ऐतिहासिक रूप से राजनीतिक हस्तक्षेप और कमजोर शासन से प्रभावित रहा है। इलेक्ट्रॉनिक-प्राथमिक कृषि ऋण समिति प्लेटफ़ॉर्म का लक्ष्य देश भर की 63,000 से अधिक प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कम्प्यूटरीकरण है, जिनमें से कई आज भी कागजी बहीखातों पर चलती हैं। शिखर सम्मेलन में राज्य सहकारिता मंत्री, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारी, सहकारी बैंक, कृषि-तकनीक कंपनियाँ और ग्रामीण वित्त विशेषज्ञ एकत्रित हुए। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उपस्थित थे। यह शिखर सम्मेलन 2021 में अमित शाह के नेतृत्व में बने समर्पित सहकारिता मंत्रालय के साथ संस्थागत रूप ले चुकी 'सहकार से समृद्धि' दृष्टि को रेखांकित करता है।