जनवरी 2026 की शुरुआत तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता 266.78 GW तक पहुँच गई, जो 2024 की तुलना में 22.6% की वृद्धि है। इसका अर्थ है कि गैर-जीवाश्म स्रोत अब भारत की कुल स्थापित क्षमता का 52.3% से अधिक हिस्सा हैं — यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है। सौर ऊर्जा अकेले 140.60 GW (कुल क्षमता मिश्रण का लगभग 27%) है, इसके बाद पवन ऊर्जा 54.65 GW है। FY 2025-26 के पहले 10 महीनों में 52,537 MW नई क्षमता जोड़ी गई — एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक। राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा में देश में अग्रणी है: जोधपुर में भड़ला सोलर पार्क (~2,245 MW) विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क है, और जैसलमेर-बाड़मेर पवन ऊर्जा कॉरिडोर भारत के शीर्ष पवन क्षेत्रों में है।
भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन स्थापित क्षमता 266.78 GW पर पहुँची — 2024 से 22.6% वृद्धि; सौर ऊर्जा 140.60 GW और कुल क्षमता में गैर-जीवाश्म हिस्सेदारी 52.3% के पार
जनवरी 2026 की शुरुआत तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता 266.78 GW तक पहुँच गई, जो 2024 की तुलना में 22.6% अधिक है। इसका अर्थ है कि गैर-जीवाश्म स्रोत अब भारत की कुल स्थापित क्षमता में 52.3% से अधिक हिस्सा रखते हैं — यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सौर ऊर्जा अकेले 140.60 GW है, यानी कुल क्षमता का लगभग 27%; इसके बाद पवन ऊर्जा 54.65 GW है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों में 52,537 MW नई क्षमता जोड़ी गई — एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक। राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा में देश में अग्रणी है: जोधपुर में भड़ला सोलर पार्क (~2,245 MW) विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क है, और जैसलमेर-बाड़मेर पवन ऊर्जा कॉरिडोर भारत के शीर्ष पवन क्षेत्रों में है।
मुख्य तथ्य
- जनवरी 2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 266.78 GW पहुँची, 2024 से 22.6% की वृद्धि।
- गैर-जीवाश्म स्रोत अब भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में 52.3% से अधिक हिस्सा रखते हैं।
- सौर ऊर्जा अकेले 140.60 GW का योगदान देती है, जो कुल ऊर्जा मिश्रण का लगभग 27% है।
- वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों में रिकॉर्ड 52,537 MW नई विद्युत क्षमता जोड़ी गई।
- जोधपुर में भड़ला सोलर पार्क (~2,245 MW) विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क बना हुआ है।
- राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RRECL) राज्य हरित ऊर्जा नीति के तहत निवेश को दिशा देता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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31 दिसंबर 2025 तक, विद्युत मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन स्थापित विद्युत क्षमता कितनी थी?
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 5,13,730 मेगावाट थी। इसमें 2,66,788 मेगावाट, यानी लगभग 266.788 गीगावाट, गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से थी। कुल स्थापित क्षमता में इसकी हिस्सेदारी 51.93% थी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनवरी 2026 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी कितनी है?
जनवरी 2026 की शुरुआत तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 52.3% से अधिक है, और यह क्षमता 266.78 GW तक पहुँच गई है — 2024 की तुलना में 22.6% की वृद्धि।
2026 की शुरुआत में भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता कितनी है और इसकी रैंकिंग क्या है?
जनवरी 2026 की शुरुआत में भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 140.60 GW है, जो कुल ऊर्जा मिश्रण में लगभग 27% हिस्सा रखती है और सभी ऊर्जा स्रोतों में अकेले सबसे बड़ा योगदान देती है।
FY 2025-26 में भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता वृद्धि में कौन सा रिकॉर्ड बना?
FY 2025-26 के पहले 10 महीनों में भारत ने रिकॉर्ड 52,537 MW नई विद्युत उत्पादन क्षमता जोड़ी, जो किसी भी एक वित्त वर्ष में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि है।
नवीकरणीय ऊर्जा के संदर्भ में राजस्थान के भड़ला सोलर पार्क का क्या महत्व है?
जोधपुर, राजस्थान में स्थित भड़ला सोलर पार्क लगभग 2,245 MW क्षमता के साथ विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क बना हुआ है। इसका प्रबंधन राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RRECL) की व्यवस्था के अंतर्गत किया जाता है।
राजस्थान के नवीकरणीय ऊर्जा विकास में RRECL की क्या भूमिका है?
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) राज्य की हरित ऊर्जा नीति के तहत निवेश को दिशा देता है और राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में राष्ट्रीय अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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