7 दिसंबर 2025 तक इंडिगो का उड़ानों के शेड्यूल का संकट काफी गहरा हो चुका था। अल जजीरा सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने बताया कि इंडिगो ने 2 दिसंबर से 10 दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कीं। यह संकट इसलिए पैदा हुआ क्योंकि एयरलाइन DGCA के FDTL मानदंडों का पालन नहीं कर पाई।

केंद्र सरकार ने बाकी एयरलाइनों के किराये बढ़ाने पर अस्थायी रूप से किराये की सीमा तय कर दी। DGCA ने बाद में इंडिगो पर ₹22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया। इस प्रकरण ने भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र में नियामक निगरानी पर सवाल उठाए — भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार है।