आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के कृषि एवं जलवायु अध्याय में खाद्य सुरक्षा, बागवानी, ग्रामीण विकास और स्वच्छ ऊर्जा में ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।

भारत ने 2024-25 में 35.77 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया — देश के इतिहास में सर्वाधिक। इसके बावजूद सर्वेक्षण ने एक संरचनात्मक बदलाव रेखांकित किया: बागवानी अब कृषि GVA में 33% योगदान देती है, जो खाद्यान्न क्षेत्र से अधिक है। प्रति एकड़ अधिक कीमत और श्रम-गहनता के कारण बागवानी किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की महत्त्वपूर्ण वाहक है।

सर्वेक्षण में 20 नवंबर 2025 तक जल जीवन मिशन के तहत लगभग 15.74 करोड़ ग्रामीण परिवारों, यानी 81.31%, को नल कनेक्शन मिलने का उल्लेख है — यह ग्रामीण सार्वजनिक स्वास्थ्य और महिलाओं के समय की बचत के लिहाज से एक परिवर्तनकारी उपलब्धि है।

कृषि को अधिक लचीला बनाने के संदर्भ में सर्वेक्षण ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) प्रणाली द्वारा विकसित 100 से अधिक जलवायु-लचीली बीज किस्मों — जो सूखा, बाढ़, ताप दबाव और खारी मिट्टी के अनुकूल हैं — की जानकारी दी।

सबसे महत्त्वपूर्ण पर्यावरण आँकड़ा: भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित बिजली उत्पादन क्षमता कुल स्थापित क्षमता के 51.93% को पार कर गई है। यह 2030 के पेरिस समझौते के 50% गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य से पहले ही प्राप्त हो गई है और भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा नेता के रूप में स्थापित करती है।