प्रकाशित: 16 दिसंबर 2025LiveLawशासन
SHANTI विधेयक लोकसभा में पारित; AERB को वैधानिक दर्जा
लोकसभा ने 17 दिसंबर को SHANTI विधेयक पारित किया। विपक्षी सांसदों ने इसे JPC या स्थायी समिति को भेजने की माँग करते हुए सदन से वॉकआउट किया। राज्यसभा ने इसे 18 दिसंबर को पारित किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 दिसंबर को मंजूरी दी।
परमाणु ऊर्जा विनियामक बोर्ड (AERB) को 1983 में गठन के बाद पहली बार वैधानिक दर्जा मिला। निजी कंपनियाँ परमाणु बिजली उत्पादन, उपकरण निर्माण और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा तक यूरेनियम-235 के संवर्धन में भाग ले सकती हैं। भारत का लक्ष्य 2032 तक 22 GW, 2037 तक 47 GW और 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: शांति विधेयक द्वारा भारत के परमाणु क्षेत्र के सुधार तथा परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड एवं 2047 तक 100 गीगावाट तक निजी भागीदारी पर उसके निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
लोकसभा ने 17 दिसंबर को शांति विधेयक पारित किया। विपक्ष ने संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग करते हुए बहिर्गमन किया। राज्यसभा ने 18 दिसंबर को इसे पारित किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 दिसंबर को मंजूरी दी। 1983 में स्थापित परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड को वैधानिक दर्जा मिला; निजी संस्थाएं यूरेनियम-235 संवर्धन कर सकती हैं, लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट है।
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शांति विधेयक के तहत, निजी कंपनियां सरकार द्वारा तय मूल्य सीमा तक किस नाभिकीय सामग्री के संवर्धन में भाग ले सकती हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Bशांति विधेयक के तहत निजी कंपनियां सरकार की तय कीमत सीमा तक यूरेनियम-235 के संवर्धन में हिस्सा ले सकती हैं। निजी संस्थाएं रूपांतरण और शोधन समेत नाभिकीय ईंधन बनाने में भी हिस्सा ले सकती हैं।