लोकसभा ने 17 दिसंबर को SHANTI विधेयक पारित किया। विपक्षी सांसदों ने इसे JPC या स्थायी समिति को भेजने की माँग करते हुए सदन से वॉकआउट किया। राज्यसभा ने इसे 18 दिसंबर को पारित किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 दिसंबर को मंजूरी दी।

परमाणु ऊर्जा विनियामक बोर्ड (AERB) को 1983 में गठन के बाद पहली बार वैधानिक दर्जा मिला। निजी कंपनियाँ परमाणु बिजली उत्पादन, उपकरण निर्माण और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा तक यूरेनियम-235 के संवर्धन में भाग ले सकती हैं। भारत का लक्ष्य 2032 तक 22 GW, 2037 तक 47 GW और 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता है।