भारत ने बिहार में दो नए रामसर स्थल जोड़े — बक्सर जिले का गोकुल जलाशय और पश्चिम चंपारण जिले की उदयपुर झील। इससे उस समय देश में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की संख्या 93 हो गई और रामसर स्थलों की संख्या के मामले में एशिया में भारत का पहला स्थान और मजबूत हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि की सराहना की।

गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) गंगा के दक्षिणी किनारे पर स्थित गोखुर झील है। यह बाढ़ का असर कम करती है और यहाँ 50 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। उदयपुर झील (319 हेक्टेयर) एक गाँव को चारों ओर से घेरने वाली गोखुर झील है। यहाँ स्थानिक जड़ी-बूटी एलिसिकार्पस रॉक्सबर्गियानस सहित पौधों की 280 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह असुरक्षित श्रेणी में शामिल कॉमन पोचार्ड सहित लगभग 35 प्रवासी पक्षी प्रजातियों का महत्वपूर्ण शीतकालीन आवास है। इन दोनों स्थलों के जुड़ने के बाद उस समय बिहार में 5 रामसर स्थल थे। बाद में बिहार की गोगाबिल झील को भारत का 94वाँ रामसर स्थल घोषित किया गया।