प्रकाशित: 19 जनवरी 2026पर्यावरण
G4 भूचुंबकीय तूफान के बाद कई महाद्वीपों पर शानदार ऑरोरा दिखे
एक शक्तिशाली जी4 (गंभीर) भूचुंबकीय तूफान ने 20 जनवरी 2026 के आसपास कई महाद्वीपों पर शानदार औरोरा दिखाए। यह तूफान तीव्र सौर गतिविधि और कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) से बना था, जिसमें उच्च गति वाली सौर पवन और दक्षिण-मुखी चुंबकीय क्षेत्र शामिल थे।
जी4 तूफान उपग्रह संचालन में बाधा डाल सकते हैं, इलेक्ट्रॉनिक्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं, रेडियो संचार को प्रभावित कर सकते हैं, विद्युत ग्रिड में हस्तक्षेप कर सकते हैं और नेविगेशन सिस्टम को बाधित कर सकते हैं। भूचुंबकीय तूफानों को जी1 (मामूली) से जी5 (अत्यधिक) तक वर्गीकृत किया जाता है। यह मई 2024 के उल्लेखनीय जी5 तूफान के बाद सबसे शक्तिशाली था। एनओएए के अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने जी4 स्तरों की सूचना दी और उसके पैमाने के अनुसार ऐसे तूफानों में अंतरिक्षयान की सतही चार्जिंग, ट्रैकिंग और दिशा-सम्बंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
G4 भू-चुंबकीय तूफान क्या है और जनवरी 2026 में इसका क्या कारण था?
**G4 (गंभीर) भू-चुंबकीय तूफान** मजबूत सौर गतिविधि और **कोरोनल मास इजेक्शन (CME)** के कारण होता है। जनवरी 2026 में यह तूफान 20 जनवरी के आसपास आया।
जनवरी 2026 में अनेक महाद्वीपों पर अरोरा क्यों दिखे?
**अरोरा** (ध्रुवीय ज्योति) तब होती है जब सौर कण पृथ्वी के वायुमंडल से टकराते हैं। G4 तूफान इतना शक्तिशाली था कि अरोरा ध्रुवीय क्षेत्रों से बाहर अनेक महाद्वीपों पर दिखी।
G4 भू-चुंबकीय तूफान क्या नुकसान कर सकते हैं?
**G4 तूफान** उपग्रह संचालन में बाधा डाल सकते हैं, **इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली ग्रिड को नुकसान** पहुँचा सकते हैं, GPS को बाधित कर सकते हैं और HF रेडियो संचार को प्रभावित कर सकते हैं।
भू-चुंबकीय तूफान G1 से G5 में क्या अंतर है?
भू-चुंबकीय तूफानों को **G1 (मामूली) से G5 (अत्यंत गंभीर)** तक श्रेणीबद्ध किया जाता है। **G4 (गंभीर)** तूफान उपग्रहों और बिजली ग्रिड में व्यापक बाधाएँ पैदा कर सकता है।
कोरोनल मास इजेक्शन (CME) क्या है?
**CME (कोरोनल मास इजेक्शन)** सूर्य के कोरोना से बड़ी मात्रा में प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्रों के बाहर निकलने की घटना है। पृथ्वी की ओर आने पर यह जनवरी 2026 जैसे G4 तूफान का कारण बनता है।