दिल्ली कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया, कविता और 20 अन्य को दोषमुक्त किया
Aसीधा उत्तर
दिल्ली कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और कविता सहित 23 आरोपियों को दोषमुक्त किया; CBI की कमियों का हवाला।
मुख्य तथ्य
विशेष न्यायाधीश ने 27 फरवरी 2026 को दिल्ली आबकारी नीति मामले में Arvind Kejriwal, Manish Sisodia और K Kavitha सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।
न्यायालय ने पाया कि आबकारी नीति में कोई व्यापक षड्यंत्र या आपराधिक मंशा नहीं थी।
न्यायाधीश ने CBI की जांच में खामियां बताईं, कहा कि एजेंसी ने केवल अनुमान के आधार पर षड्यंत्र की कथा गढ़ने की कोशिश की।
2022 से चले आ रहे इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में कई राजनीतिक हस्तियों की गिरफ्तारी हुई थी; CBI द्वारा बरी करने के आदेश को चुनौती दिए जाने की संभावना है।
राउज एवेन्यू कोर्ट, दिल्ली के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने 27 फरवरी 2026 को दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, AAP नेता मनीष सिसोदिया, BRS नेता के. कविता सहित सभी 23 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि आबकारी नीति में 'कोई व्यापक षड्यंत्र या आपराधिक इरादा नहीं' था।
न्यायाधीश ने CBI की जाँच में कमियाँ बताईं और कहा कि एजेंसी ने अनुमानों के आधार पर षड्यंत्र की कथा गढ़ने का प्रयास किया। 2022 से चले इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में कई राजनेता गिरफ्तार हुए थे।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दिल्ली आबकारी नीति मामले में सभी 23 आरोपियों के दोषमुक्त होने के विधिक-राजनीतिक निहितार्थ बताइए।
उत्तर (50 शब्द):
27 फरवरी 2026 को राउज एवेन्यू के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता सहित सभी 23 आरोपियों को दोषमुक्त किया, क्योंकि 'कोई व्यापक षड्यंत्र या आपराधिक मंशा नहीं' पाई गई। आदेश में CBI जाँच की कमियाँ और अनुमान पर आधारित निष्कर्ष बताए गए; CBI चुनौती देगी।
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फरवरी 2026 में आबकारी नीति मामले में दिल्ली की अदालत का फैसला क्या था?
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट के **विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह** ने **27 फरवरी 2026** को दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री **अरविंद केजरीवाल**, AAP नेता **मनीष सिसोदिया** और BRS नेता **के. कविता** सहित **सभी 23 आरोपियों को** आरोप मुक्त कर दिया।
दिल्ली आबकारी नीति मामले के आरोपियों को आरोप मुक्त करते समय न्यायालय ने क्या टिप्पणी की?
न्यायालय ने कहा कि आबकारी नीति में **'कोई व्यापक षड्यंत्र या आपराधिक इरादा नहीं'** था। न्यायाधीश ने **CBI की जांच में खामियों** का उल्लेख किया और कहा कि एजेंसी नीतिगत निर्णयों से आगे षड्यंत्र के प्रथम दृष्टया साक्ष्य पेश करने में विफल रही।
दिल्ली आबकारी नीति मामला किस बारे में था?
**दिल्ली आबकारी नीति मामले** में आरोप था कि दिल्ली की 2021-22 आबकारी नीति (शराब की खुदरा बिक्री में निजी कारोबारियों को अनुमति) AAP नेताओं को कथित **किकबैक** के ज़रिए कुछ व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार की गई थी।
भारतीय आपराधिक कानून में आरोप मुक्ति और बरी में क्या अंतर है?
**आरोप मुक्ति** (आरोप तय करने के चरण में) का अर्थ है कि आरोपी पर मुकदमा चलाने के लिए **पर्याप्त साक्ष्य नहीं** है। **बरी** पूर्ण मुकदमे के बाद होता है, जब आरोपी दोषी नहीं पाया जाता है। आरोप तय करने के चरण में आरोप मुक्ति का मतलब है कि मुकदमा आगे नहीं चलता।
दिल्ली आबकारी नीति मामले में आरोपमुक्त प्रमुख आरोपी कौन हैं?
आरोपमुक्त प्रमुख आरोपियों में **अरविंद केजरीवाल** (पूर्व दिल्ली CM, AAP के राष्ट्रीय संयोजक), **मनीष सिसोदिया** (पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री), **के. कविता** (BRS नेता, पूर्व तेलंगाना CM KCR की बेटी) और **20 अन्य आरोपी** शामिल हैं।
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