जनजातीय क्षेत्र विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने 17 जनवरी 2026 को उदयपुर के सज्जनगढ़ में दो-दिवसीय वन मेले का उद्घाटन किया। मेले का उद्देश्य वन उत्पादों को बढ़ावा देना और ग्रामीण तथा आदिवासी आजीविका को मजबूत करना है। इसमें शहद, औषधीय जड़ी-बूटियां, गोंद, लाख और बांस उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराया गया।

राजस्थान में लगभग 92 लाख आदिवासी जनसंख्या (राज्य जनसंख्या का 13.5%) है, जो मुख्यतः उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों में केंद्रित है। यह मेला वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन और MSP तथा वन धन विकास केंद्रों से लघु वन उपज (MFP) का लाभ आदिवासी समुदायों तक पहुंचाने की दिशा में एक कदम है।