मेघालय खदान त्रासदी: मृतक संख्या बढ़ी; सरकार ने न्यायिक जांच आयोग गठित किया
Aसीधा उत्तर
मेघालय खदान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी; न्यायिक जांच गठित; NGT ने अवैध रैट-होल खनन पर स्वतः संज्ञान लिया।
मुख्य तथ्य
पूर्वी जयंतिया हिल्स, मेघालय में रैट-होल खदान विस्फोट के बाद बचाव अभियान जारी है; मृतकों की संख्या प्रारंभिक 18 के अनुमान से बढ़ गई।
मेघालय सरकार ने विस्फोट और अवैध खनन गतिविधियों की जांच के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (जिसने 2014 में मेघालय में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध लगाया था) ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया।
अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य की पहाड़ियों का मानचित्रण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पूर्वी जयंतिया हिल्स, मेघालय में विनाशकारी रैट-होल खदान विस्फोट के दो दिन बाद बचाव अभियान जारी रहा और ध्वस्त खदान से और शव निकाले जाने के साथ मृतक संख्या शुरुआती 18 से बढ़ गई। मेघालय सरकार ने विस्फोट और अवैध खदानों के संचालन की जांच के लिए उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
NGT, जिसने 2014 में मेघालय में रैट-होल खनन प्रतिबंधित किया था, ने स्वतः संज्ञान लिया। मोंगाबे इंडिया ने बताया कि इस घटना ने प्रतिबंधित रैट-होल खनन को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। डाउन टू अर्थ ने बताया कि राज्य की पहाड़ियों का मानचित्रण अवैध खनन रोकने की बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पूर्वी जयंतिया पहाड़ियों में मेघालय रैट-होल खनन त्रासदी से उजागर शासन एवं पर्यावरणीय चुनौतियों तथा न्यायिक जांच आयोग के ज़रिए सामने आई न्यायिक प्रतिक्रिया पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
मेघालय की पूर्वी जयंतिया पहाड़ियों में रैट-होल खदान में विस्फोट के दो दिन बाद भी बचाव अभियान जारी रहा और मृतकों की संख्या प्रारंभिक अनुमान 18 से बढ़ गई। राज्य ने न्यायिक जांच आयोग गठित किया, जबकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण — जिसने 2014 में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध लगाया था — ने स्वतः संज्ञान लिया।
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**पूर्व जयंतिया हिल्स, मेघालय** में एक विनाशकारी **रैट-होल खदान विस्फोट** हुआ, जिसमें मृतकों की संख्या प्रारंभिक अनुमान **18** से अधिक हो गई। मेघालय सरकार ने विस्फोट और अवैध खनन कार्यों की जांच के लिए **उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच आयोग** गठित किया।
मेघालय खनन घटना पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने क्या कार्रवाई की?
**राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)** ने, जिसने **2014** में मेघालय में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध लगाया था, 2026 की घटना का **स्वतः संज्ञान** लिया और दशक पुराने प्रतिबंध के बावजूद जारी अवैध खनन की पुनः जांच की।
रैट-होल खनन क्या है और मेघालय में इस पर प्रतिबंध क्यों है?
**रैट-होल खनन** कोयला निकालने की एक अवैज्ञानिक और खतरनाक प्रथा है, जिसमें खनिक पहाड़ियों में संकरी सुरंगें खोदते हैं। पर्यावरण को होने वाले नुकसान और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के कारण **NGT ने 2014 में मेघालय में इस पर प्रतिबंध** लगाया था।
2026 में रैट-होल खान विस्फोट मेघालय के किस जिले में हुआ?
रैट-होल खान विस्फोट **पूर्व जयंतिया हिल्स जिले**, मेघालय में हुआ। इस घटना ने मेघालय के जयंतिया हिल्स क्षेत्र में अवैध कोयला खनन की लगातार बनी समस्या को रेखांकित किया।
2026 मेघालय खनन त्रासदी के क्या परिणाम हुए?
इसके परिणाम ये रहे: **18 से अधिक मौतें**; सरकार द्वारा **न्यायिक जांच आयोग** का गठन; **NGT द्वारा स्वतः संज्ञान**; मोंगाबे इंडिया द्वारा पर्यावरणीय दस्तावेजीकरण; और 2014 के रैट-होल खनन प्रतिबंध के प्रवर्तन पर नई राष्ट्रीय बहस।
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