केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 15 फरवरी 2026 को गुजरात के गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 'हर दाना, हर रुपया, हर अधिकार' के नारे के साथ भारत का पहला सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC)-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पायलट शुरू किया। चार जिलों — अहमदाबाद, सूरत, आनंद और वलसाड — में 26,000 से अधिक परिवार शुरुआती लाभार्थी हैं। चंडीगढ़, पुडुचेरी और दादरा-नागर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध विस्तार की योजना है।

तकनीकी संरचना: पायलट भारतीय रिजर्व बैंक के e₹ (डिजिटल रुपये) का उपयोग करता है, जो क्रिप्टोकरेंसी से अलग, प्रोग्रामेबल क्षमताओं वाली कानूनी मुद्रा है। डिजिटल खाद्य कूपन पंजाब नेशनल बैंक (PNB) द्वारा प्रबंधित लाभार्थियों के वॉलेट में प्रोग्रामेबल CBDC के रूप में जमा किए जाते हैं। प्रोग्रामेबिलिटी में ये बातें शामिल हैं: (i) इन्हें केवल NFSA-अधिकृत खाद्यान्न (चावल, गेहूं, दालें) के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा; (ii) इनका उपयोग केवल अधिकृत उचित मूल्य दुकानों पर होगा; (iii) इनकी वैधता सीमित समय तक रहेगी, जिससे जमाखोरी रुकती है।

शाह ने अहमदाबाद के साबरमती क्षेत्र में 'अन्नपूर्ति' अनाज ATM का भी उद्घाटन किया, जो QR कोड स्कैनिंग के जरिए 35 सेकंड में 25 किलोग्राम तक अनाज वितरित करता है।