प्रकाशित: 16 फ़रवरी 2026PIBअर्थव्यवस्था
भारत ने गुजरात में पहला CBDC-आधारित PDS पायलट लॉन्च किया: प्रोग्रामेबल ई-रुपये से डिजिटल खाद्य कूपन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 15 फरवरी 2026 को गुजरात के गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 'हर दाना, हर रुपया, हर अधिकार' के नारे के साथ भारत का पहला सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC)-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पायलट शुरू किया। चार जिलों — अहमदाबाद, सूरत, आनंद और वलसाड — में 26,000 से अधिक परिवार शुरुआती लाभार्थी हैं। चंडीगढ़, पुडुचेरी और दादरा-नागर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध विस्तार की योजना है।
तकनीकी संरचना: पायलट भारतीय रिजर्व बैंक के e₹ (डिजिटल रुपये) का उपयोग करता है, जो क्रिप्टोकरेंसी से अलग, प्रोग्रामेबल क्षमताओं वाली कानूनी मुद्रा है। डिजिटल खाद्य कूपन पंजाब नेशनल बैंक (PNB) द्वारा प्रबंधित लाभार्थियों के वॉलेट में प्रोग्रामेबल CBDC के रूप में जमा किए जाते हैं। प्रोग्रामेबिलिटी में ये बातें शामिल हैं: (i) इन्हें केवल NFSA-अधिकृत खाद्यान्न (चावल, गेहूं, दालें) के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा; (ii) इनका उपयोग केवल अधिकृत उचित मूल्य दुकानों पर होगा; (iii) इनकी वैधता सीमित समय तक रहेगी, जिससे जमाखोरी रुकती है।
शाह ने अहमदाबाद के साबरमती क्षेत्र में 'अन्नपूर्ति' अनाज ATM का भी उद्घाटन किया, जो QR कोड स्कैनिंग के जरिए 35 सेकंड में 25 किलोग्राम तक अनाज वितरित करता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 15 फरवरी 2026 को गुजरात में आरंभ भारत के पहले सीबीडीसी-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली पायलट के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
अमित शाह ने 15 फरवरी 2026 को महात्मा मंदिर, गांधीनगर में भारत का पहला सीबीडीसी-आधारित पीडीएस पायलट शुरू किया, जिसमें अहमदाबाद, सूरत, आनंद और वलसाड के 26,000 से अधिक परिवार शामिल हैं। पीएनबी द्वारा प्रबंधित प्रोग्रामेबल ई-रुपया कूपन केवल एनएफएसए खाद्यान्नों के लिए उचित मूल्य दुकानों पर मान्य हैं; अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम 35 सेकंड में 25 किलोग्राम अनाज देते हैं।
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जुड़ा प्रश्नआसान
CBDC का पूरा नाम क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर ACBDC का पूरा नाम केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा है। भारत में डिजिटल रुपया RBI द्वारा जारी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा है और यह रुपये का डिजिटल रूप है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का पहला CBDC-आधारित PDS पायलट कहाँ और कब शुरू किया गया?
भारत का पहला CBDC-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पायलट 15 फरवरी 2026 को गुजरात में शुरू किया गया। इसमें अहमदाबाद, सूरत, आनंद और वलसाड जिलों के 26,000 से अधिक परिवार शामिल हैं।
प्रोग्रामेबल ई-रुपया क्या है और PDS पायलट में यह कैसे काम करता है?
प्रोग्रामेबल ई-रुपया (e₹) केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) का ऐसा रूप है, जिसमें उपयोग की शर्तें पहले से तय कर दी जाती हैं। PDS पायलट में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) द्वारा प्रबंधित e₹ कूपन केवल NFSA खाद्यान्न के लिए और केवल अधिकृत उचित मूल्य दुकानों पर ही भुनाए जा सकते हैं।
'अन्नपूर्ति' अनाज ATM क्या है और इसकी मुख्य विशेषता क्या है?
'अन्नपूर्ति' गुजरात के CBDC-आधारित PDS पायलट में शुरू किया गया अनाज ATM है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह केवल 35 सेकंड में 25 किलो अनाज दे सकता है, जिससे अनाज का वितरण तेज और स्वचालित हो जाता है।
गुजरात PDS पायलट में ई-रुपया कूपन का प्रबंधन कौन सा बैंक करता है?
गुजरात के CBDC-आधारित PDS पायलट में प्रोग्रामेबल ई-रुपया कूपन का प्रबंधन पंजाब नेशनल बैंक (PNB) द्वारा किया जाता है।
CBDC की प्रोग्रामेबिलिटी सुविधा कल्याण वितरण में कैसे सहायक है?
CBDC की प्रोग्रामेबिलिटी से सरकार डिजिटल मुद्रा के उपयोग की शर्तें पहले से तय कर सकती है जिससे सब्सिडी केवल पात्र लाभार्थियों तक अधिकृत केंद्रों पर ही पहुँचती है। इससे रिसाव समाप्त होता है और लक्षित कल्याण वितरण सुनिश्चित होता है।